सत्य निकेतन हादसे में मध्य प्रदेश के दो छात्रों की मौत
कटनी, 7 सितंबर (आईएएनएस)। त्योहार की छुट्टियों के बाद दिल्ली लौटने के अगले ही दिन, मध्य प्रदेश के देवास के रहने वाले 21 साल के अर्पित जाज और कटनी के रहने वाले दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र अक्षत यादव की मौत हो गई। यह हादसा राजधानी के सत्य निकेतन इलाके में एक इमारत के ढहने से हुआ, जिससे दो युवा छात्रों की उच्च शिक्षा की चाहत उनके परिवारों के लिए एक दुखद घटना में बदल गई।
6 सितंबर को दोपहर करीब 1:30 बजे दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में एक इमारत गिरने से मरने वालों में अर्पित और 19 साल का अक्षत भी शामिल थे।
इन मौतों से उनके गृह जिलों में शोक की लहर दौड़ गई है। वहां उनके परिवार और दोस्त उन दो युवा छात्रों को खोने के गम से उबरने की कोशिश कर रहे हैं, जो देश की राजधानी में अपना भविष्य बनाने के लिए घर से निकले थे।
कटनी की दुबे कॉलोनी का रहने वाला अक्षत, दिल्ली यूनिवर्सिटी में बी.कॉम का फर्स्ट ईयर का छात्र था और करीब डेढ़ साल से दिल्ली में रह रहा था। उसके दोस्त कृष्णा रजक ने आईएएनएस को बताया कि परिवार को शुरू में पक्का पता नहीं था कि अक्षत उस इमारत के अंदर था या नहीं जो गिरी थी।
रजक ने कहा, "मुझे कल शाम करीब 7 बजे यह जानकारी मिली। मेरे दोस्त ने फोन करके बताया कि दिल्ली में एक घटना हुई है, जिसमें अक्षत जिस इमारत में रहता था, वह गिर गई है। हमने दोपहर में खबर देखी थी, लेकिन हमें पक्का नहीं पता था कि जो इमारत गिरी है, वही है जहां मेरा दोस्त अक्षत रहता था। जैसे ही हमें पता चला, हम जहां भी थे, वहां से उसके घर भागे। उसकी मां और छोटी बहन वहां थीं और उनका बुरा हाल था। किसी तरह उन्हें मेरे पिता के साथ दिल्ली भेजा गया।"
पड़ोसी संदीप त्रिपाठी ने बताया कि अक्षत ने डीपीएस से 12वीं की पढ़ाई पूरी की थी, सीयूईटी परीक्षा दी थी, और उसके बाद बी.कॉम ऑनर्स के लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया था।
त्रिपाठी ने आईएएनएस को बताया, "डीपीएस से 12वीं पास करने के बाद, उसने सीयूईटी परीक्षा दी और डीयू में बी.कॉम ऑनर्स का छात्र था। वह पिछले डेढ़ साल से दिल्ली में रह रहा था।"
अक्षत हाल ही में त्योहार की छुट्टियों के लिए कटनी लौटा था और उसके बाद वापस दिल्ली गया था।
दिल्ली यूनिवर्सिटी में बी.कॉम सेकंड ईयर का छात्र अर्पित, देवास के कैलादेवी इलाके के पास जय बजरंग नगर का रहने वाला था। उसने देवास की सेंट्रल इंडिया एकेडमी से 12वीं की पढ़ाई पूरी की थी। परिवार के साथ रक्षाबंधन मनाने के बाद 5 सितंबर को दिल्ली लौटना, उनके घर से उनकी आखिरी यात्रा थी।
उनके पिता, भूपेंद्र जाज, देवास में एक ट्रैवल एजेंसी चलाते हैं।
खबरों के मुताबिक, लगभग 40 साल पुरानी यह इमारत दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के रिकॉर्ड में खतरनाक इमारतों की सूची में शामिल नहीं थी। इससे घनी आबादी वाले इलाकों में पुरानी इमारतों की मजबूती और उनकी निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
--आईएएनएस
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