केंद्र सरकार ने मद्रास हाईकोर्ट में दो अतिरिक्त जजों की नियुक्ति को मंजूरी दी
नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद केंद्र सरकार ने मंगलवार को मद्रास हाईकोर्ट में दो न्यायिक अधिकारियों को अतिरिक्त न्यायाधीश के तौर पर नियुक्त करने की मंजूरी दे दी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में इस फैसले की जानकारी देते हुए कानून और न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि भारत के संविधान से मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए और भारत के मुख्य न्यायाधीश से सलाह-मशविरा करके राष्ट्रपति ने धर्मलिंगम लिंगेश्वरन और बालाथंडायुथम कार्तिकेयन को मद्रास हाई कोर्ट का अतिरिक्त जज नियुक्त किया है।
सीजेआई की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 18 मई को हुई बैठक में इन दो न्यायिक अधिकारियों को मद्रास हाईकोर्ट का जज नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
19 मई को जारी एक बयान में शीर्ष अदालत के कॉलेजियम ने कहा कि उसने लिंगेश्वरन और बालाथंडायुथम समेत छह न्यायिक अधिकारियों को मद्रास हाईकोर्ट का जज नियुक्त करने के 4 नवंबर, 2025 के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
कॉलेजियम, जिसमें सीजेआई और सुप्रीम कोर्ट के सबसे वरिष्ठ जज शामिल होते हैं, उच्च न्यायपालिका में नियुक्तियों और तबादलों के लिए सिफारिशें करता है। उच्च न्यायपालिका में जजों की नियुक्ति कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच एक निरंतर, एकीकृत और सहयोगात्मक प्रक्रिया है। इसके लिए राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर विभिन्न संवैधानिक अधिकारियों से सलाह-मशविरा और मंजूरी की जरूरत होती है।
सिर्फ उन्हीं लोगों को हाईकोर्ट का जज नियुक्त किया जाता है जिनके नामों की सिफारिश एससी कॉलेजियम ने की होती है।
--आईएएनएस
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