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ओडिशा में रिश्वतखोरी पर विजिलेंस का शिकंजा, अलग-अलग मामलों में दो सरकारी अधिकारी गिरफ्तार

भुवनेश्वर, 18 अगस्त (आईएएनएस)। ओडिशा विजिलेंस विभाग ने मंगलवार को दो अलग-अलग रिश्वतखोरी के मामलों में दो सरकारी अधिकारियों को रंगेहाथों गिरफ्तार किया। इनमें बालेश्वर की एक महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) और मलकानगिरि जिले के एक राजस्व निरीक्षक (आरआई) शामिल हैं।
 

भुवनेश्वर, 18 अगस्त (आईएएनएस)। ओडिशा विजिलेंस विभाग ने मंगलवार को दो अलग-अलग रिश्वतखोरी के मामलों में दो सरकारी अधिकारियों को रंगेहाथों गिरफ्तार किया। इनमें बालेश्वर की एक महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) और मलकानगिरि जिले के एक राजस्व निरीक्षक (आरआई) शामिल हैं।

बालेश्वर जिले में विजिलेंस ने मधुस्मिता मोहंती को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। वह सदर, बालेश्वर की सीडीपीओ होने के साथ-साथ बालेश्वर नगर पालिका की प्रभारी सीडीपीओ के रूप में भी कार्यरत थीं।

विजिलेंस के अनुसार, नगर पालिका में किराए पर वाहन उपलब्ध कराने वाले एक शख्स ने जून और जुलाई 2026 के दो महीने के बकाए बिल जमा किए थे। वाहन का मासिक किराया 26 हजार रुपए था। आरोप है कि बिल पास कराने और भुगतान जारी करने के बदले मोहंती ने 5,000 रुपए रिश्वत की मांग की।

शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया और मोहंती को बालेश्वर कलेक्ट्रेट परिसर में रिश्वत मांगते और लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। उनके पास से पूरी रिश्वत राशि बरामद कर जब्त कर ली गई। गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस ने बालेश्वर के गोपालगांव स्थित उनके दो मंजिला आवास और कार्यालय कक्ष में भी एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इस मामले में बालेश्वर विजिलेंस थाने में भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

वहीं, एक अन्य कार्रवाई में विजिलेंस अधिकारियों ने मलकानगिरि जिले के मलकानगिरि तहसील के अंतर्गत झरापाली सर्किल के राजस्व निरीक्षक सूरज बाला को भी रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। आरोप है कि उन्होंने एक व्यक्ति की पत्नी के पक्ष में अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र जारी करने के लिए आवश्यक सत्यापन रिपोर्ट देने के बदले रिश्वत मांगी थी।

विजिलेंस के अनुसार, आवेदक ने नियमों के तहत ऑनलाइन आवेदन और निर्धारित शुल्क भी जमा कर दिया था। इसके बावजूद सूरज बाला ने कथित तौर पर प्रक्रिया में देरी करते हुए 10,000 रुपए रिश्वत की मांग की। शिकायत मिलने पर विजिलेंस ने ट्रैप लगाया और उन्हें 8,000 रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।

जांच में यह भी सामने आया कि सूरज बाला पहले भी एक रिश्वत मामले में फंस चुके हैं। वर्ष 2023 में कोरापुट विजिलेंस थाने में दर्ज एक मामले में उन पर अतिक्रमण प्रकरण में नोटिस जारी करने के बदले 15,000 रुपए रिश्वत लेने का आरोप लगा था। वह मामला फिलहाल अदालत में लंबित है।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी