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तमिलनाडु: इडुक्की गांव में बारिश के कारण हुए भूस्खलन में दो लोगों की मौत

इडुक्की, 20 सितंबर (आईएएनएस)। इडुक्की जिले के वट्टावडा इलाके के कोट्टाकम्बूर में रविवार शाम तीन घंटे की भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन में एक शेड मलबे में दब गया, जिससे दो लोगों की मौत हो गई।
 

इडुक्की, 20 सितंबर (आईएएनएस)। इडुक्की जिले के वट्टावडा इलाके के कोट्टाकम्बूर में रविवार शाम तीन घंटे की भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन में एक शेड मलबे में दब गया, जिससे दो लोगों की मौत हो गई।

मरने वालों की पहचान कोट्टाकम्बूर के रहने वाले बालकृष्णन और उनकी बहन चिन्नू के तौर पर हुई है। बालकृष्णन की पत्नी मरियम्मा को गंभीर हालत में बचाया गया। इमरजेंसी टीमों के पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और मिट्टी व मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया।

मरियम्मा को इमरजेंसी मेडिकल इलाज के लिए ले जाया गया, जबकि बचाव दल प्रभावित इलाके में यह पता लगाने के लिए तलाशी लेते रहे कि कहीं कोई और तो नहीं फंसा है। बाद में मुन्नार से फायर एंड रेस्क्यू सर्विस के कर्मचारी और देविकुलम से पुलिस अधिकारी भी इस ऑपरेशन में शामिल हो गए।

लगातार बारिश, अस्थिर मिट्टी और मुश्किल इलाके ने टीमों के सामने बड़ी चुनौतियां खड़ी कर दीं। मिट्टी के और खिसकने के डर को देखते हुए अधिकारियों ने आसपास की ढलान पर कड़ी नजर रखी।

यह भूस्खलन वट्टावडा और आसपास के पहाड़ी इलाकों में करीब तीन घंटे तक हुई भारी बारिश के बाद हुआ। माना जा रहा है कि लगातार बारिश से ढलान की मिट्टी गीली और भारी हो गई, जिससे वह ढह गई। पुलिस, रेवेन्यू और डिजास्टर मैनेजमेंट के अधिकारियों के मौके का मुआयना करने और आसपास रहने वाले लोगों के लिए खतरों का आकलन करने की उम्मीद है।

इस घटना ने भारी बारिश के दौरान इडुक्की में भूस्खलन की आशंका को एक बार फिर उजागर कर दिया है। जिले में हाल के वर्षों में कई घातक भूस्खलन हुए हैं, विशेषकर मुन्नार की ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं में और उसके आसपास। सबसे भीषण भूस्खलन 6 अगस्त, 2020 को राजमाला के पास पेट्टिमुडी में हुआ था। इस दौरान मलबे से 66 शव बरामद किए गए, जबकि चार लोग लापता हो गए और उन्हें मृत मान लिया गया, जिससे मृतकों की संख्या 70 हो गई।

अक्टूबर 2025 में, आदिमाली के पास कूम्बनपारा में हुए भूस्खलन ने कोच्चि-धनुष्कोडी राष्ट्रीय राजमार्ग के नीचे कई घरों को दफना दिया। 48 वर्षीय बीजू की मलबे से निकाले जाने के बाद मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी संध्या को बचा लिया गया और अस्पताल में भर्ती कराया गया। कई घर क्षतिग्रस्त हो गए और संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को राहत शिविर में स्थानांतरित कर दिया गया।

अधिकारियों ने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के निवासियों को सतर्क रहने और क्षेत्र में जारी भारी वर्षा के कारण अस्थिर ढलानों से दूर रहने की सलाह दी है। आपातकालीन दल कोट्टाकंबूर में तलाशी अभियान पूरा करने, प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित करने और निवासियों को खतरे वाले क्षेत्र में प्रवेश करने से रोकने के लिए तैनात रहे।

--आईएएनएस

एमएस/