ट्विशा शर्मा केस : परिवार ने जांच में लापरवाही का लगाया आरोप, कहा- आरोपी पक्ष कर रहा सिस्टम का दुरुपयोग
भोपाल, 21 मई (आईएएनएस)। ट्विशा शर्मा की कथित आत्महत्या के कुछ दिनों बाद उनके परिवार ने पुलिस जांच में लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि फरार पति समर्थ सिंह का परिवार अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर जांच को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है।
परिवार की ओर से पैरवी कर रहे वकील अंकुर पांडे ने आईएएनएस को बताया कि वे समर्थ सिंह की मां और पूर्व जिला न्यायाधीश गिरीबाला सिंह को मिली अंतरिम जमानत को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर बेंच में चुनौती देंगे।
गिरीबाला सिंह इस मामले में सह-आरोपी हैं और उन्हें भोपाल जिला अदालत से अंतरिम जमानत मिली है।
ट्विशा के चाचा लोकेश शर्मा ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि मामले को शुरुआत से ही लापरवाही से संभाला गया। उन्होंने कहा कि पुलिस को पहले इन सभी लापरवाही पर सफाई देनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि एफआईआर तीन दिन बाद दर्ज की गई। मुझे अभी तक नहीं पता कि घटनास्थल को सील किया गया है या नहीं, और वहां निगरानी के लिए कोई अधिकारी तैनात किया गया है या नहीं।
ट्विशा के चचेरे भाई आशीष शर्मा ने कहा कि जो सीसीटीवी फुटेज कोर्ट में पेश की गई, वह साफ दिखाती है कि जो सबूत पुलिस को जब्त करने चाहिए थे, उन्हें आरोपी पक्ष दिखा रहा था। उन्होंने कहा कि कोर्ट को भी इस पर सवाल उठाने चाहिए।
परिवार पहले भी आरोप लगा चुका है कि जांच अधिकारी ने पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों के सामने वह बेल्ट पेश नहीं की, जिससे कथित तौर पर फांसी लगाई गई थी।
ट्विशा के चचेरे भाई ने आरोप लगाया कि वे अपनी मर्जी से केस चला रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि परिवार ने ट्विशा के अंतिम संस्कार से पहले दूसरे पोस्टमार्टम की मांग की थी, लेकिन उससे बचा जा रहा है। परिवार बहुत दर्द में है, खासकर इसलिए क्योंकि हम उसका अंतिम संस्कार भी नहीं कर पा रहे हैं। ट्विशा के फरार पति और वकील समर्थ सिंह का परिवार अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर मामले की कार्रवाई को प्रभावित कर रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया, ''हर कदम पहले से तय है और सबूतों से छेड़छाड़ की जा रही है।''
ट्विशा के चचेरे भाई ने कहा कि अगर जल्द न्याय नहीं मिला तो यह मामला भी बाकी कई मामलों की तरह लोगों की यादों से मिट जाएगा। अगर ट्विशा को न्याय नहीं मिला, तो क्या प्रशासन और न्यायपालिका आगे भी ताकतवर लोगों का ही साथ देंगे?
उन्होंने कहा कि परिवार ट्विशा को न्याय दिलाने के लिए हर तरह का संघर्ष करने को तैयार है। हम लगातार अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं, हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा है और जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट भी जाएंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि समर्थ सिंह का परिवार प्रभावशाली है और वे खुद को बचाने के लिए सिस्टम का इस्तेमाल कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात को लेकर उन्होंने कहा कि आश्वासन का मतलब तभी होगा, जब जांच सही तरीके से हो रही हो।
इस बीच, समर्थ सिंह ने गुरुवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में अंतरिम जमानत के लिए आवेदन दायर किया।
--आईएएनएस
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