ट्विशा शर्मा मौत मामला: सीबीआई कोर्ट ने गिरिबाला और समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 11 अगस्त तक बढ़ाई
भोपाल, 28 जुलाई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के भोपाल जिले में सीबीआई की एक स्पेशल कोर्ट ने मंगलवार को ट्विशा शर्मा की कथित तौर पर दहेज के कारण हुई मौत के मामले में आरोपी रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 11 अगस्त तक बढ़ा दी।
रेगुलर मजिस्ट्रेट के छुट्टी पर होने के कारण कोर्ट की सुनवाई ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने हुई। दोनों आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुए।
ट्विशा शर्मा के परिवार की ओर से पेश वकील शुभांग दीक्षित ने आईएएनएस को बताया कि सीबीआई की यह दलील कि जांच अभी चल रही है, सुनने के बाद कोर्ट ने उनकी न्यायिक हिरासत बढ़ाने की अर्जी मंजूर कर ली।
कोर्ट की सुनवाई के दौरान, आरोपियों ने सीबीआई के इस आरोप का विरोध किया कि उन्होंने अपने आवाज के नमूने (वॉइस सैंपल) देने में सहयोग नहीं किया था।
बचाव पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि आवाज के नमूने लेने की प्रक्रिया के दौरान जांच एजेंसी के अधिकारियों का व्यवहार ठीक नहीं था और इस पर कोर्ट के सामने आपत्ति जताई।
दीक्षित के अनुसार, कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि आवाज के नमूनों से जुड़ा मुद्दा आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान पहले ही उठाया जा चुका था।
चूंकि जमानत याचिका पर पहले ही फैसला हो चुका था, इसलिए यह मुद्दा मौजूदा रिमांड कार्यवाही के लिए प्रासंगिक नहीं था।
हालांकि, यह टिप्पणी कोर्ट के लिखित आदेश का हिस्सा नहीं बनी।
बचाव पक्ष ने न्यायिक हिरासत बढ़ाने का भी विरोध किया और कहा कि सीबीआई की अर्जी में और रिमांड मांगने के लिए कोई नया आधार नहीं बताया गया था।
उन्होंने जांच के दौरान पूछताछ किए गए गवाहों की संख्या के बारे में एजेंसी से जानकारी भी मांगी।
इस मांग का विरोध करते हुए सीबीआई ने कहा कि जांच चल रही है और इस चरण में पूछताछ किए गए गवाहों या दर्ज किए गए बयानों का विवरण उजागर करने से जांच पर बुरा असर पड़ सकता है।
इसलिए, एजेंसी ने कोर्ट के सामने ऐसी जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया।
दीक्षित ने बताया कि दोनों पक्षों को सुनने के बाद, कोर्ट ने सीबीआई की अर्जी मंजूर कर ली और दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत 11 अगस्त तक बढ़ा दी।
12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में ट्विशा शर्मा अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं।
जहां ट्विशा के ससुराल वालों का दावा था कि उन्होंने आत्महत्या की है, वहीं उनके मायके वालों का आरोप था कि दहेज की मांग को लेकर उनकी हत्या कर दी गई थी।
शुरुआती पोस्टमार्टम जांच पर सवाल उठने के बाद यह मामला बाद में न्यायिक जांच के दायरे में आ गया।
--आईएएनएस
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