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केरल के कन्नूर में प्रदर्शन के बीच माकपा में अंदरूनी कलह उजागर

कन्नूर, 17 मार्च (आईएएनएस)। केरल के कन्नूर में मंगलवार को दो विपरीत तस्वीरें सामने आईं, जिसे मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता है। यहां एक ओर जनसमर्थन और नेतृत्व की मजबूती, तो दूसरी ओर विधानसभा चुनाव से पहले उभरता अंदरूनी असंतोष दिखा।
 
केरल के कन्नूर में प्रदर्शन के बीच माकपा में अंदरूनी कलह उजागर

कन्नूर, 17 मार्च (आईएएनएस)। केरल के कन्नूर में मंगलवार को दो विपरीत तस्वीरें सामने आईं, जिसे मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता है। यहां एक ओर जनसमर्थन और नेतृत्व की मजबूती, तो दूसरी ओर विधानसभा चुनाव से पहले उभरता अंदरूनी असंतोष दिखा।

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद पहली बार अपने गृह जिले कन्नूर पहुंचे। शाम करीब 4:45 बजे कन्नूर एयरपोर्ट पहुंचने के बाद उनकी यात्रा रोड शो में बदल गई, जहां बड़ी संख्या में समर्थक उनके काफिले के साथ नजर आए।

करीब 5:15 बजे वह अपने निर्वाचन क्षेत्र धर्मदम पहुंचे, जहां से वे 50,000 से अधिक वोटों के अंतर से विधायक हैं। 80 वर्षीय विजयन संयमित लेकिन दृढ़ नजर आए और पार्टी कार्यालय पिनाराई में जुटे कार्यकर्ताओं का अभिवादन किया। यह संक्षिप्त लेकिन प्रतीकात्मक मुलाकात पार्टी कैडर के साथ उनके मजबूत जुड़ाव को दर्शाती है।

हालांकि, मुख्यमंत्री की इस यात्रा ने जहां एकता और चुनावी आत्मविश्वास का संदेश दिया, वहीं दूसरी ओर तलिपरंबा के पास एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली, जिसने पार्टी के भीतर बढ़ती दरारों को उजागर कर दिया।

जिले के वरिष्ठ नेताओं ने दिग्गज नेता टीके गोविंदन के खिलाफ विरोध मार्च निकाला, जिन्हें उसी दिन पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। गोविंदन ने हाल ही में पार्टी की नीतियों की खुलकर आलोचना की थी।

चार दशक से अधिक समय तक पार्टी से जुड़े रहे गोविंदन ने अब माकपा उम्मीदवार पी.के. श्यामला (राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन की पत्नी) के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। अपने निष्कासन पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि समय उनकी आलोचना को सही साबित करेगा और पार्टी अब “सही रास्ते पर नहीं है।”

असंतोष की यह लहर केवल तलिपरंबा तक सीमित नहीं है। पड़ोसी पय्यान्नूर में एक अन्य लोकप्रिय नेता वी. कुंजीकृष्णन, जिन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया है, ने भी निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है।

कुल मिलाकर, कन्नूर में माकपा के लिए यह एक अहम मोड़ है, जहां एक तरफ संगठनात्मक ताकत बरकरार दिख रही है, वहीं दूसरी ओर आंतरिक एकजुटता पर सवाल उठने लगे हैं, ठीक ऐसे समय में जब राज्य विधानसभा चुनाव नजदीक हैं।

--आईएएनएस

डीएससी