Aapka Rajasthan

ईरान को तुरंत खत्म कर सकते हैं, लेकिन धीरे-धीरे कमजोर कर रहे हैं: राष्ट्रपति ट्रंप

वाशिंगटन, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि वाशिंगटन ईरान के साथ अपने संघर्ष को बहुत तेजी से समाप्त कर सकता है, लेकिन वह इस बात पर विचार कर रहा है कि सैन्य कार्रवाई को और तेज किया जाए या बढ़ते आर्थिक दबाव के जरिए तेहरान को और अधिक कमजोर होने दिया जाए।
 

वाशिंगटन, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि वाशिंगटन ईरान के साथ अपने संघर्ष को बहुत तेजी से समाप्त कर सकता है, लेकिन वह इस बात पर विचार कर रहा है कि सैन्य कार्रवाई को और तेज किया जाए या बढ़ते आर्थिक दबाव के जरिए तेहरान को और अधिक कमजोर होने दिया जाए।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाले तेल परिवहन पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है, जबकि ईरान की पहुंच को सीमित कर दिया गया।

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "हम इसे बहुत जल्दी समाप्त कर सकते हैं, लेकिन ईरान एक विफल होता हुआ राष्ट्र है।"

उन्होंने तर्क दिया कि अमेरिकी सैन्य अभियान ने ईरान को आर्थिक रूप से कमजोर कर दिया है और अब वाशिंगटन ऐसी स्थिति में है, जहां वह तय कर सकता है कि इस टकराव को कितनी दूर तक ले जाना चाहता है।

उन्होंने कहा, "सवाल यह है कि क्या हम इसे पूरी तरह खत्म करना चाहते हैं, या फिर इसे धीरे-धीरे कमजोर होने देना चाहते हैं? क्योंकि हमें वह सब कुछ मिल रहा है जो हम चाहते हैं।"

इन टिप्पणियों से संकेत मिला कि ट्रंप प्रशासन इस बात पर विचार कर रहा है कि क्या आगे सैन्य तनाव बढ़ाना आवश्यक है, जबकि ट्रंप के अनुसार मौजूदा दबाव पहले से ही वांछित परिणाम दे रहा है।

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति के लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक, होर्मुज जलडमरूमध्य पर ट्रंप ने विशेष जोर दिया।

उन्होंने कहा कि अमेरिकी नौसैनिक अभियानों ने यह सुनिश्चित किया है कि वाणिज्यिक तेल खेपों का परिवहन जारी रह सके और ईरान पर प्रतिबंध बने रहें।

जलमार्ग में अमेरिकी नौसेना की भूमिका पर राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "हम जितना तेल चाहते हैं, उतना बाहर ले जा रहे हैं। हमने इसे उनके लिए रोक रखा है, किसी और के लिए नहीं।"

उन्होंने यह भी दावा किया कि मौजूदा टकराव के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आवाजाही बढ़ी है। पिछले सप्ताह जितना तेल वहां से निकला, उतना पहले कभी नहीं निकला था, यहां तक कि युद्ध से पहले भी नहीं।

अमेरिकी राष्ट्रपति का कहना है कि इस दबाव का असर ईरान की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा, "ऐसे में हमारे लिए यह एक बढ़त और उनके यहां महंगाई है, उनके पास पैसा नहीं है।"

उन्होंने स्थिति को इस रूप में पेश किया कि वाशिंगटन या तो अपनी मौजूदा रणनीति जारी रख सकता है या फिर अधिक निर्णायक सैन्य कदम उठा सकता है।

हालांकि, राष्ट्रपति ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह कौन-सी अतिरिक्त कार्रवाई को मंजूरी दे सकते हैं या तेहरान के साथ बातचीत की संभावना पर विचार किया जा रहा है या नहीं।

--आईएएनएस

केके/डीकेपी