Aapka Rajasthan

अमेरिका में परमाणु का नया दौर! राष्ट्रपति ट्रंप बोले- 4 नए एडवांस्ड रिएक्टर से शुरू होगा परमाणु ऊर्जा का नया युग

वाशिंगटन, 25 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि चार प्राइवेट फंडेड एडवांस्ड रिएक्टर, न्यूक्लियर इनोवेशन को तेज करने के मकसद से सरकार के समर्थन वाले कार्यक्रम के तहत जरूरी पड़ाव पर पहुंच गए हैं।
 

वाशिंगटन, 25 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि चार प्राइवेट फंडेड एडवांस्ड रिएक्टर, न्यूक्लियर इनोवेशन को तेज करने के मकसद से सरकार के समर्थन वाले कार्यक्रम के तहत जरूरी पड़ाव पर पहुंच गए हैं।

व्हाइट हाउस में वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और चार न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी कंपनियों के एग्जीक्यूटिव के साथ बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि यह कामयाबी दशकों की गिरावट के बाद अमेरिकी परमाणु उद्योग के लिए एक नए युग की शुरुआत है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "अमेरिका फिर से बन रहा है। अमेरिका फिर से सपने देख रहा है और हम अगली पीढ़ी की न्यूक्लियर पावर में दुनिया को लीड कर रहे हैं और कोई भी इसके आसपास भी नहीं है।"

उन्होंने कहा कि सरकार ने अमेरिका के नागरिक परमाणु क्षेत्र को फिर से शुरू करने के लिए पिछले साल हस्ताक्षर किए गए चार एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के जरिए तय किए गए लक्ष्य को पार कर लिया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "इस कोशिश के तहत, मैंने ऊर्जा सचिव क्रिस राइट को एडवांस्ड रिएक्टर के लिए एक पायलट प्रोग्राम शुरू करने और 4 जुलाई तक कम से कम तीन कटिंग-एज रिएक्टर को सुरक्षित रूप से शुरू करने का निर्देश दिया है। हमने जो किया है वह काफी हद तक एक चमत्कार जैसा है।"

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका में चार दशक से ज्यादा समय से प्राइवेट फंडेड एडवांस्ड रिएक्टर चालू नहीं हुए हैं। ये चार दशकों में अमेरिका में चालू होने वाले पहले नए प्राइवेट फंडेड एडवांस्ड रिएक्टर हैं।

उन्होंने उस रेगुलेटरी प्रोसेस की भी आलोचना की जिसने पहले परमाणु विकास को धीमा कर दिया था।

उन्होंने कहा, "पहले, किसी रिएक्टर डिजाइन को मंजूरी मिलने में अक्सर छह साल या उससे ज्यादा समय लगता था, अगर कभी मंजूरी मिलती भी थी तो।"

ऑफिस ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी पॉलिसी के डायरेक्टर माइकल क्रैट्सियोस ने कहा कि एडमिनिस्ट्रेशन ने अपने ओरिजिनल टारगेट को पार कर लिया है। क्रैट्सियोस ने कहा, "पिछली बार निजी फंड से विकसित कोई नया रिएक्टर डिजाइन 1974 में पहली बार नियंत्रित परमाणु श्रृंखला अभिक्रिया की अवस्था तक पहुंचा था। यह उपलब्धि 50 साल से भी अधिक समय बाद हासिल हुई है और हमने इसे पार करते हुए एक नहीं, बल्कि चार परियोजनाओं के साथ नया रिकॉर्ड बनाया है।"

उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि इस बात का संकेत है कि अमेरिका पारंपरिक और उन्नत दोनों तरह की परमाणु तकनीक के क्षेत्र में फिर से वैश्विक नेतृत्व की ओर लौट रहा है।

उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप का हवाला देते हुए कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अब बहुत हो चुका। अमेरिका परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में फिर से दुनिया का नेतृत्व करेगा।"

कार्यक्रम में शामिल कंपनियों के अधिकारियों ने कहा कि ट्रंप प्रशासन के कार्यकारी आदेशों (एग्जीक्यूटिव ऑर्डर्स) ने परमाणु परियोजनाओं के विकास की रफ्तार तेज कर दी है।

एंटारेस न्यूक्लियर के एक प्रतिनिधि ने कहा कि उनकी कंपनी के रिएक्टर भविष्य में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और अंतरिक्ष अभियानों को ऊर्जा उपलब्ध करा सकते हैं।

उन्होंने कहा, "हम 'गोल्डन डोम' परियोजना के लिए एक भरोसेमंद ऊर्जा स्रोत बनने की उम्मीद रखते हैं, ताकि अंतरिक्ष में उच्च क्षमता वाली प्रणालियों और भविष्य में समुद्र के भीतर स्वायत्त प्रणालियों को ऊर्जा मिल सके।"

उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी की योजना 2028 से पहले अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर अपने रिएक्टर तैनात करने की है।

एक अन्य कंपनी के अधिकारी ने कहा कि अमेरिका अब केवल प्रस्तुतियों (पावरपॉइंट) तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि वास्तविक उत्पादन पर ध्यान दे रहा है।

उन्होंने कहा, "पिछले 30 वर्षों में हम बिजली संयंत्र बनाने की बजाय पावरपॉइंट प्रस्तुतियों में अधिक रुचि लेने लगे थे, लेकिन आपके नेतृत्व ने इस सोच को बदल दिया है।"

कंपनी के एक तीसरे एग्जीक्यूटिव ने इस पल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा, "मुझे लगता है कि लोग पीछे मुड़कर देखेंगे और यकीन करेंगे कि यही वह समय था जब परमाणु में बदलाव आया और हमने सस्ती और भरपूर ऊर्जा को अनलॉक किया।"

एक एग्जीक्यूटिव ने बताया कि उनकी कंपनी का रिएक्टर 4 जुलाई की आधी रात के कुछ ही मिनट बाद पहली बार नियंत्रित परमाणु श्रृंखला अभिक्रिया की अवस्था में पहुंच गया था। उन्होंने कहा, "हमने इसे मुश्किल से पूरा किया, लेकिन 4 जुलाई को रात 12:20 बजे रिएक्टर में पहली बार नियंत्रित परमाणु श्रृंखला अभिक्रिया शुरू हो गई।"

उन्होंने इस साल 1 ​​बिलियन डॉलर जुटाने और दस लाख स्क्वेयर फुट की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में जाने के प्लान की भी घोषणा की और कहा, "हमारा टारगेट मार्केट डेटा सेंटर है, इसलिए हम डेटा सेंटर को पावर देने के लिए आइडियल न्यूक्लियर प्रोडक्ट बना रहे हैं, जिसमें 'अपनी बिजली लाओ' शामिल है।"

ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने कहा कि सरकार की बड़ी ऊर्जा रणनीति ने देश की ऊर्जा स्थिति को पहले ही बदल दिया है। आज हमारे पास दुनिया के किसी भी देश की तुलना में सबसे कम कीमत वाली, सबसे सुरक्षित एनर्जी है।

आंतरिक मामलों के सचिव डग बर्गम ने न्यूक्लियर पावर को सरकार के "ऊर्जा डॉमिनेंस" एजेंडा का केंद्र बताया और कहा कि सरकारी सब्सिडी के बजाय निजी निवेश उद्योग को फिर से आगे बढ़ा रहा है।

उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप समझते हैं कि इनोवेशन ही अमेरिका की महानता का सोर्स है। आप रेगुलेशन से छुटकारा पाएं, आप एंटरप्रेन्योर्स का समर्थन करें, कैपिटल फ्लो हो, अमेरिका जीतेगा।"

1950 के दशक में अमेरिका ने कमर्शियल न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी में सबसे आगे रहा और कई दशकों तक दुनिया में न्यूक्लियर रिएक्टरों का सबसे बड़ा बेड़ा बनाए रखा। हालांकि, ज्यादा कंस्ट्रक्शन कॉस्ट, लंबे लाइसेंसिंग प्रोसेस और लोगों के विरोध की वजह से नए रिएक्टर बनाने का काम धीमा हो गया, जबकि रूस और चीन ने देश और विदेश में अपने परमाणु उद्योग को बढ़ाया।

--आईएएनएस

केके/एएस