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शिकागो, लॉस एंजिल्स और पोर्टलैंड से नेशनल गार्ड हटाएंगे राष्ट्रपति ट्रंप

वाशिंगटन, 1 जनवरी (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि उनकी सरकार अब शिकागो, लॉस एंजिल्स और पोर्टलैंड से नेशनल गार्ड को हटा रही है। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब कुछ दिन पहले अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ फैसला सुनाया था।
 
शिकागो, लॉस एंजिल्स और पोर्टलैंड से नेशनल गार्ड हटाएंगे राष्ट्रपति ट्रंप

वाशिंगटन, 1 जनवरी (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि उनकी सरकार अब शिकागो, लॉस एंजिल्स और पोर्टलैंड से नेशनल गार्ड को हटा रही है। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब कुछ दिन पहले अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ फैसला सुनाया था।

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर कहा, "हम शिकागो, लॉस एंजिल्स और पोर्टलैंड से नेशनल गार्ड को हटा रहे हैं। इन शहरों में नेशनल गार्ड की मौजूदगी से अपराध में काफी कमी आई थी। अगर संघीय सरकार ने दखल न दिया होता, तो पोर्टलैंड, लॉस एंजिल्स और शिकागो खत्म हो गए होते।"

ट्रंप ने यह भी कहा कि जब इन इलाकों में फिर से अपराध बढ़ेगा, तब सरकार और ज्यादा मजबूत तरीके से लौटेगी। उन्होंने इन क्षेत्रों के डेमोक्रेट मेयरों और गवर्नरों को "बहुत अक्षम" बताया।

न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, यह घोषणा सुप्रीम कोर्ट द्वारा अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट के एजेंटों की सुरक्षा के लिए शिकागो में नेशनल गार्ड भेजने की ट्रंप की योजना को रोकने के कुछ ही दिनों बाद आई है।

ट्रंप का कहना है कि जिन राज्यों और शहरों में डेमोक्रेट्स की सरकार है, वहां अपराध बढ़ रहा है। इसलिए नेशनल गार्ड की तैनाती जरूरी है। वहीं डेमोक्रेट नेताओं ने इन कदमों के पीछे राजनीतिक मंशा होने पर सवाल उठाए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से ट्रंप प्रशासन की मांग को खारिज कर दिया। कोर्ट ने अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित एक आदेश में कहा, "इस शुरुआती चरण में, सरकार इलिनोइस में सेना को कानूनों को लागू करने की अनुमति देने वाले अधिकार का स्रोत बताने में विफल रही है।"

इस पूरे विवाद की शुरुआत 4 अक्टूबर से मानी जाती है, जब ट्रंप ने इलिनोइस नेशनल गार्ड के 300 सदस्यों को इलिनोइस में, खासकर शिकागो और उसके आसपास, सक्रिय संघीय सेवा में बुलाया था। अगले दिन टेक्सास नेशनल गार्ड के कुछ जवानों को भी संघीय नियंत्रण में लेकर शिकागो भेजा गया।

9 अक्टूबर को, इलिनोइस के उत्तरी जिला न्यायालय ने इस कदम पर अस्थायी रोक लगा दी। इसके बाद 16 अक्टूबर को सेवेंथ सर्किट की अपीलीय अदालत ने इस फैसले को बरकरार रखा। अदालत ने सरकार को नेशनल गार्ड को संघीय नियंत्रण में लेने की अनुमति दी, लेकिन उन्हें तैनात करने की इजाजत नहीं दी।

इसके बाद ट्रंप प्रशासन इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में ले गया था।

--आईएएनएस

एएस/