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इलेक्ट्रिक वाहन नीतियों पर राष्ट्रपति ट्रंप ने फिर साधा निशाना, नियमों को बताया गलत

वाशिंगटन, 28 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इलेक्ट्रिक गाड़ी की नीतियों को लेकर अपना हमला फिर से शुरू किया है। उन्होंने मिशिगन में ऑटोमोबाइल वर्कर्स से कहा कि कंज्यूमर्स को इलेक्ट्रिक और इंटरनल-कंबशन गाड़ियों में से चुनने की इजाजत होनी चाहिए।
 

वाशिंगटन, 28 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इलेक्ट्रिक गाड़ी की नीतियों को लेकर अपना हमला फिर से शुरू किया है। उन्होंने मिशिगन में ऑटोमोबाइल वर्कर्स से कहा कि कंज्यूमर्स को इलेक्ट्रिक और इंटरनल-कंबशन गाड़ियों में से चुनने की इजाजत होनी चाहिए।

ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन की इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी और फ्यूल-एफिशिएंसी स्टैंडर्ड्स को खत्म कर दिया था, जिसके बारे में उनका दावा था कि इससे अमेरिकी ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को नुकसान होता।

सोमवार को जनरल मोटर्स मिलफोर्ड प्रूविंग ग्राउंड के दौरे के दौरान ट्रंप ने कहा, "पहले दिन, मैंने बाइडेन के बेतुके इलेक्ट्रिक व्हीकल मैंडेट को खत्म कर दिया था, जिससे अमेरिकी ऑटो इंडस्ट्री हमेशा के लिए खत्म हो जाती।"

ट्रंप ने तर्क दिया कि इलेक्ट्रिक व्हीकल बनाने के लिए कम श्रमिकों की जरूरत होती है, जिससे मिशिगन जैसे राज्यों में रोजगार को लेकर चिंता बढ़ गई है, जो ऑटोमोबाइल प्रोडक्शन पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं।

जनरल मोटर्स की सीईओ मैरी बारा का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा, "मैं यह मैरी के सामने नहीं कहना चाहता, क्योंकि वह आपका मन बदल देंगी, लेकिन इलेक्ट्रिक कार बनाने में बहुत कम लोगों की जरूरत होती है।"

उन्होंने आगे कहा, “इसका मतलब यह नहीं है कि वे बेहतर काम करते हैं, लेकिन इसमें कम समय लगता है। अगर आपको इलेक्ट्रिक कार चाहिए, तो वे इलेक्ट्रिक कारें भी बनाते हैं। लेकिन अगर आप कंबशन खरीदना चाहते हैं, अगर आप कुछ भी खरीदना चाहते हैं, तो वे बनाते हैं।”

ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने बाइडेन-युग के कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल इकॉनमी स्टैंडर्ड्स को खत्म कर दिया है, जिन्हें आमतौर पर कैफे स्टैंडर्ड्स के नाम से जाना जाता है।

उन्होंने कहा, “मैंने बाइडेन के खतरनाक कैफे फ्यूल स्टैंडर्ड्स को खत्म कर दिया। यह इस देश की हर एक कार कंपनी के लिए दिवालिया होने का एक छोटा रास्ता था और एक पूरी तरह से आपदा थी जो इंटरनल कंबशन इंजन को खत्म कर देती। जब तक मैं प्रेसिडेंट हूं, ऐसा कभी नहीं होगा।”

अमेरिकी राष्ट्रपति ने पॉलिसी में बदलाव के साथ टैरिफ भी लगाए, ताकि कंपनियों को अमेरिका के अंदर गाड़ियां बनाने के लिए बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने कहा कि इम्पोर्टेड ऑटोमोबाइल और ट्रकों पर 25 परसेंट टैरिफ लगता है, जबकि देश में बनी गाड़ियों पर नहीं।

ट्रंप ने प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए जीएम की तारीफ की। उन्होंने कहा कि कंपनी ने 2026 में ट्रक और स्पोर्ट यूटिलिटी व्हीकल का आउटपुट 20 फीसदी बढ़ाया और फैक्ट्रियों को वापस अमेरिका लाने के लिए दो साल में 9 बिलियन डॉलर का निवेश किया है।

ट्रंप ने कहा, “वे घर वापस आ रहे हैं क्योंकि, सच कहूं तो, जब वे यहां बनाते हैं, तो कोई टैरिफ नहीं लगता।”

उन्होंने ऑटोमोबाइल लोन पर दिए जाने वाले ब्याज पर टैक्स कटौती को भी बढ़ावा दिया, लेकिन कहा कि यह तभी लागू होगा जब गाड़ी यूनाइटेड स्टेट्स में बनी हो।

पिछली बाइडेन सरकार ने साफ गाड़ियों की तरफ तेजी से बढ़ने की कोशिश के तहत एमिशन और फ्यूल-एफिशिएंसी की शर्तों को सख्त किया था। इन पॉलिसी में साफ तौर पर यह जरूरी नहीं था कि हर नई गाड़ी इलेक्ट्रिक हो, बल्कि इन्हें देश में बिकने वाले इलेक्ट्रिक और दूसरे कम एमिशन वाले मॉडल का हिस्सा बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया था।

अमेरिकी इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी में बदलाव का असर अमेरिकी बाजार से भी आगे जाता है। ग्लोबल मैन्युफैक्चरर और सप्लायर, जिसमें भारत में काम करने वाली कंपनियां भी शामिल हैं, एमिशन नियमों, बैटरी की डिमांड और अमेरिकी बाजार तक पहुंच के बारे में निवेश के फैसले लेते हैं।

--आईएएनएस

केके/एएस