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ईरान के खिलाफ युद्ध से तेल महंगा हुआ, परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना था जरूरी : ट्रंप

वाशिंगटन, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने माना कि ईरान के साथ चल रहे युद्ध की वजह से तेल की कीमतें बढ़ी हैं और इससे अमेरिकी परिवारों पर आर्थिक बोझ पड़ा है। हालांकि उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए यह कीमत चुकाना जरूरी था।
 

वाशिंगटन, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने माना कि ईरान के साथ चल रहे युद्ध की वजह से तेल की कीमतें बढ़ी हैं और इससे अमेरिकी परिवारों पर आर्थिक बोझ पड़ा है। हालांकि उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए यह कीमत चुकाना जरूरी था।

फ्लोरिडा के टीवी चैनल व‍िंंक-टीवी को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि जब उन्होंने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का फैसला लिया था, तब उन्हें पहले से अंदाजा था कि ऊर्जा की कीमतें बढ़ सकती हैं। फिर भी उनका कहना था कि यह संघर्ष जल्द खत्म होगा और पेट्रोल की कीमतें तेजी से नीचे आएंगी।

उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब तीन नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनावों की तैयारी चल रही है। बढ़ती महंगाई और जीवनयापन की लागत अमेरिकी मतदाताओं के लिए एक बड़ा मुद्दा बनी हुई है जबकि रिपब्लिकन पार्टी कांग्रेस पर अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश कर रही है।

जब उनसे पूछा गया कि बढ़ती कीमतों का बोझ आम लोगों पर पड़ रहा है, तो ट्रंप ने कहा, "ईरान जैसे बहुत बुरे देश से परमाणु हथियार छीनने के लिए यह एक छोटी सी कीमत है।"

व‍िंंक-टीवी की एंकर क्लेयर गैल्ट ने इंटरव्यू के दौरान बताया कि अमेरिकी लोग अभी भी महंगे किराने के सामान से जूझ रहे हैं और दक्षिण-पश्चिम फ्लोरिडा में पेट्रोल की औसत कीमत 4.18 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। इस पर ट्रंप ने माना कि बीफ की कीमतें अब भी ऊंची हैं और तेल की कीमतें भी युद्ध की वजह से बढ़ी हैं।

उन्होंने कहा, "बीफ की कीमतें थोड़ी ज्यादा हैं लेकिन वे नीचे आ रही हैं।" साथ ही उन्होंने जोड़ा कि पशुपालन और उत्पादन की प्रक्रिया में समय लगता है, इसलिए कीमतों को सामान्य होने में थोड़ा वक्त लग सकता है।

ऊर्जा की कीमतों पर बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्हें पहले से पता था कि तेल महंगा होगा लेकिन उनके मुताबिक सैन्य कार्रवाई से बचा नहीं जा सकता था। उन्होंने कहा क‍ि कीमतें पहले काफी कम थीं और मुझे पता था कि ऐसा होगा लेकिन यह एक फैसला था जो लेना जरूरी था।

ट्रंप ने दोहराया कि ईरान परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकता क्योंकि वह दुनिया में आतंकवाद को समर्थन देने वाले सबसे बड़े देशों में से एक है। उन्होंने कहा क‍ि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। ईरान परमाणु हथियार नहीं रख सकता। इसलिए मुझे यह कदम उठाने पर गर्व है।

हालांकि ट्रंप ने युद्ध खत्म होने की कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई, लेकिन उन्होंने कहा कि संघर्ष जल्द समाप्त हो सकता है।उन्होंने कहा क‍ि मुझे लगता है कि यह जल्द खत्म होगा। किसी समझौते के जरिए या किसी और तरीके से, लेकिन यह खत्म होगा।

उनके इस बयान से यह संकेत मिला कि बातचीत के अलावा आगे और सैन्य कार्रवाई की संभावना भी बनी रह सकती है। वहीं प्रशासन अमेरिकी लोगों को यह भरोसा दिलाने की कोशिश कर रहा है कि युद्ध के आर्थिक असर लंबे समय तक नहीं रहेंगे।

फोर्ट मायर्स में एक अलग रिपब्लिकन चुनावी रैली के दौरान भी ट्रंप ने इस मुद्दे का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने सैन्य कार्रवाई से पहले संभावित आर्थिक असर पर विचार किया था। ट्रंप ने बताया कि ईरान के खिलाफ अभियान शुरू होने से पहले उन्होंने आयोवा में पेट्रोल की कीमतें 1.85 डॉलर और 1.95 डॉलर प्रति गैलन तक देखी थीं।

उन्होंने कहा कि इसके बाद उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों से कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। ट्रंप ने यह दावा भी किया कि युद्ध के बावजूद होर्मुज स्‍ट्रेट से तेल की आवाजाही बढ़ी है।

उन्होंने कहा, "होर्मुज स्‍ट्रेट से बहुत बड़ी मात्रा में तेल गुजर रहा है। हैरानी की बात यह है कि युद्ध से पहले के मुकाबले अब ज्यादा तेल वहां से आ रहा है।"

ट्रंप के अनुसार, यह संभव हो पाया है क्योंकि इलाके में अमेरिकी नौसेना और अमेरिकी सैन्य बल सक्रिय हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में होर्मुज स्‍ट्रेट से तेल शिपमेंट बढ़ने के उनके दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।

--आईएएनएस

एवाई/पीएम