ट्रंप सरकार ने डिफेंस स्टार्टअप्स के लिए रक्षा खरीद प्रणाली में बदलाव का किया वादा
वाशिंगटन, 16 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिका की ट्रंप सरकार ने पेंटागन के रक्षा खरीद प्रणाली में बड़े बदलाव करने का वादा किया है, ताकि रक्षा तकनीक इकोसिस्टम और कमर्शियल इनोवेटर्स के लिए मिलिट्री कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए मुकाबला करना आसान हो सके। उनका कहना है कि तेजी से बदलते सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए अमेरिका को तेजी से काम करना होगा।
पेंसिल्वेनिया डिफेंस एंड इनोवेशन समिट में बुधवार (स्थानीय समय) को संबोधित करते हुए अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि ट्रंप प्रशासन उन नौकरशाही बाधाओं को खत्म कर रहा है, जिन्होंने लंबे समय तक स्थापित रक्षा कंपनियों को फायदा पहुंचाया, जबकि नई और उभरती कंपनियों के लिए सैन्य बाजार में प्रवेश करना मुश्किल बना दिया था।
हेगसेथ ने रक्षा क्षेत्र के अधिकारियों, निवेशकों और तकनीकी उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा, "हमारी नौकरशाही व्यवस्था इस तरह बनाई गई थी कि आपमें से ज्यादातर लोग रक्षा क्षेत्र में प्रवेश ही न कर सकें। हम पेंटागन की नौकरशाही के खिलाफ लगातार संघर्ष कर रहे हैं, ताकि व्यवस्था को अधिक खुला बनाया जा सके और प्रतिस्पर्धा, गति, नवाचार तथा व्यावसायिक विकल्पों को उचित स्थान मिल सके।"
हेगसेथ ने कहा कि प्रशासन चाहता है कि रक्षा खरीद से जुड़े फैसले लंबी सरकारी प्रक्रियाओं के बजाय कारोबार की रफ्तार, प्रतिस्पर्धा और बड़े पैमाने पर काम करने की गति के अनुरूप लिए जाएं।
उन्होंने कहा, "कंपनियों को रक्षा विभाग में अवसर पाने के लिए अदालतों का दरवाजा खटखटाने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए। पहले प्रतिस्पर्धा में शामिल होने के लिए कंपनियों को ऐसा करना पड़ता था, लेकिन अब हम उस व्यवस्था को बदल रहे हैं।"
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी यही बात दोहराई और कहा कि रक्षा कंपनियों ने उन्हें बार-बार बताया है कि रेगुलेटरी सुधारों से बिजनेस के माहौल में काफी सुधार हुआ है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "मैं बैकस्टेज हाथ मिला रहा था, वे बस आए और कहा, हम दो साल पहले इस देश में काम भी नहीं कर सकते थे। हम कुछ भी नहीं बना पाए। हमें मंजूरी नहीं मिली, हम कुछ नहीं कर पाए और हम बदलाव की कल्पना भी नहीं कर सकते थे।"
समिट में 130 से ज्यादा एग्जिबिटर शामिल हुए, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोनॉमस सिस्टम, रोबोटिक्स, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी में स्पेशलाइजेशन रखने वाली रक्षा तकनीकी फर्मों को रिप्रेजेंट करते हैं।
निवेशक एंटोनियो ग्रेसियस ने कहा कि बदलावों के नतीजे पहले से ही दिखने लगे हैं। ग्रेसियस ने कहा, "हम सच में डीओडी में एक बदलता हुआ माहौल देख रहे हैं जो इन कंपनियों को तेजी से आगे बढ़ने और रक्षा क्षेत्र में अमेरिकी उद्यमों को आगे बढ़ाने की इजाजत दे रहा है।"
टीडब्ल्यूजी ग्लोबल के को-चेयरमैन थॉमस टुल ने कहा कि नई पॉलिसी दिशा ने निजी निवेश में अरबों डॉलर को बढ़ावा किया है।
टुल ने कहा, "हमने रक्षा तकनीक में अरबों डॉलर निवेश किए हैं क्योंकि हम जानते हैं कि हमें इसकी जरूरत है। आप जो बदलाव ला रहे हैं, उसके बिना ये चीजें मुमकिन नहीं हैं।"
हेगसेथ ने कहा कि रक्षा खरीद में सुधार जरूरी था क्योंकि तकनीक में तरक्की मॉडर्न लड़ाई को नया आकार दे रही है।
उन्होंने कहा, "एआई और फ्रंटियर मॉडल, ऑटोनॉमी, क्वांटम स्पेस, हाइपरसोनिक्स, आप जो चाहें कह सकते हैं। अगर आप अभी आगे हैं और गेम में आगे निकल जाते हैं, तो आप बहुत आगे निकल जाएंगे। अगर आप अभी पीछे रह जाते हैं, तो आप और भी पीछे रह जाएंगे।"
सरकार ने पेन्सिलवेनिया में रक्षा से जुड़े नए निवेश के लिए करीब 10 बिलियन डॉलर का ऐलान भी किया, जिसमें शिपबिल्डिंग, मिसाइल प्रोडक्शन, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोनॉमस मिलिट्री सिस्टम से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं।
अधिकारियों ने कहा कि इन निवेशकों से अमेरिकी रक्षा औद्योगिक बेस मजबूत होगा और साथ ही जाने-माने मैन्युफैक्चरर्स और नई टेक्नोलॉजी कंपनियों, दोनों के लिए मौके बढ़ेंगे।
कई सालों से, पेंटागन की इस बात के लिए आलोचना हो रही है कि उसका एक्विजिशन सिस्टम बहुत धीमा है और उसमें ट्रेडिशनल प्राइम कॉन्ट्रैक्टर्स पर बहुत ज्यादा जोर है, जिससे छोटी तकनीकी कंपनियों के लिए डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट पाना मुश्किल हो जाता है।
--आईएएनएस
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