अगरतला रेलवे स्टेशन पर 2.36 करोड़ रुपए के प्रतिबंधित कफ सिरप जब्त, पुलिस ने राज्य को नशा-मुक्त बनाने का दोहराया संकल्प
अगरतला, 3 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार से अगरतला रेलवे स्टेशन पहुंची देवघर एक्सप्रेस से 2.36 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की प्रतिबंधित कफ सिरप की एक बड़ी खेप बरामद हुई है। वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि त्रिपुरा पुलिस नशे की समस्या को खत्म करने और राज्य को नशा-मुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
पुलिस महानिरीक्षक (खुफिया और सुरक्षा) कृष्णेंदु चक्रवर्ती, पुलिस महानिरीक्षक (कानून-व्यवस्था) मंचक इपर और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने अगरतला रेलवे स्टेशन का दौरा किया और लगभग 40,000 बोतल (प्रत्येक 100 मिली) 'एस्कफ' और 'फेयरडिल' कफ सिरप की जब्ती से जुड़ी प्रक्रियाओं की बारीकी से निगरानी की।
इन कफ सिरप का अक्सर नशीले पदार्थों के रूप में दुरुपयोग किया जाता है। पिछले साल अक्टूबर में हुई एक बड़ी बरामदगी के बाद त्रिपुरा में इस तरह की अवैध खेप की यह दूसरी सबसे बड़ी बरामदगी है।
'एस्कफ' और 'फेयरडिल' कफ सिरप में कोडीन फॉस्फेट और ट्रिप्रोलिडाइन हाइड्रोक्लोराइड होता है। ये ऐसे पदार्थ हैं जिनका भारत के साथ-साथ पड़ोसी देश बांग्लादेश और कुछ अन्य देशों में अक्सर नशीली दवाओं के रूप में दुरुपयोग किया जाता है।
आईजीपी (खुफिया और सुरक्षा) कृष्णेंदु चक्रवर्ती ने कहा कि पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग के नेतृत्व में त्रिपुरा पुलिस नशे की समस्या को खत्म करने और राज्य को नशा-मुक्त बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित है।
वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ने मीडिया को बताया, "हालांकि गुरुवार को ट्रेन से की गई यह बरामदगी त्रिपुरा में प्रतिबंधित कफ सिरप की दूसरी सबसे बड़ी बरामदगी है, लेकिन राज्य पुलिस ने नशीले पदार्थों और गांजा (मारिजुआना) सहित अन्य प्रतिबंधित सामानों के अवैध व्यापार और परिवहन के खिलाफ लगातार कार्रवाई की है।"
उन्होंने राज्य को नशीले पदार्थों से मुक्त बनाने के लिए त्रिपुरा पुलिस की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं चल रही हैं और इस रैकेट में शामिल लोगों को सजा दिलाई जाएगी।
आईजीपी (कानून-व्यवस्था) मंचक इपर ने भी जोर देकर कहा कि प्रतिबंधित कफ सिरप की इस बड़ी खेप की बरामदगी से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। त्रिपुरा पुलिस के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) राजदीप देब ने बताया कि नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में, अगरतला रेलवे स्टेशन पर देवघर एक्सप्रेस की पार्सल वैन से 'एस्कफ' और 'फेयरडिल' कफ सिरप की 39,345 बोतलें जब्त की गईं। इन पर प्रतिबंधित होने का संदेह है।
उन्होंने बताया कि जांच के दौरान ये बोतलें लगभग 80 सीलबंद मेटल ड्रमों के अंदर बहुत चालाकी से छिपाई हुई मिलीं, जिससे पता चलता है कि पकड़े जाने से बचने के लिए यह एक सुनियोजित कोशिश थी।
सीपीआरओ के मुताबिक, यह ऑपरेशन गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (जीआरपी) और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने मिलकर चलाया था।
असम राइफल्स के अधिकारियों ने दावा किया कि इस जब्ती अभियान में अर्धसैनिक बल और डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) के जवान भी शामिल थे।
पुलिस के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि जांच में मदद के लिए अगरतला रेलवे स्टेशन के पार्सल कमर्शियल सुपरिटेंडेंट को एक औपचारिक पत्र भेजा गया है। इसमें सामान भेजने वाले और पाने वाले की जानकारी, रेलवे रसीद, ट्रेन की आवाजाही और अन्य संबंधित रिकॉर्ड मांगे गए हैं।
उन्होंने बताया कि पार्सल वैन कोच को 29 जून को बिहार के कटिहार से अगरतला के लिए बुक किया गया था और इसे देवघर एक्सप्रेस पैसेंजर ट्रेन से जोड़ा गया था। यह ट्रेन 1 जुलाई को अगरतला रेलवे स्टेशन पहुंची, जिसके बाद कफ सिरप की खेप का पता चला और उसे जब्त कर लिया गया।
अब तक सुब्रत देब (34) नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। त्रिपुरा के खोवाई जिले में एक निजी बिजनेस फर्म का मैनेजर देब अवैध खेप लेने के लिए अगरतला रेलवे स्टेशन पहुंचा था।
पिछले साल 17 अक्टूबर को त्रिपुरा पुलिस क्राइम ब्रांच (टीपीसीबी) ने अन्य सुरक्षा एजेंसियों की मदद से एक मालगाड़ी से प्रतिबंधित 'एस्कफ' कफ सिरप की भारी खेप जब्त की थी, जिसकी कीमत लगभग 5.4 करोड़ रुपए थी। मुर्गी का दाना, चावल और अन्य सामान ले जा रही यह मालगाड़ी 16 अक्टूबर को दिल्ली से पश्चिम त्रिपुरा के जिरानिया रेलवे स्टेशन पहुंची थी। इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें राजीव दासगुप्ता (42) भी शामिल था, जिसे इस रैकेट के मुख्य सरगनाओं में से एक माना जाता है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने तब कहा था कि दासगुप्ता कई पूर्वोत्तर राज्यों में चल रहे ड्रग तस्करी के एक बड़े नेटवर्क में अहम भूमिका निभाते थे।
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने कई बार त्रिपुरा और देश के अन्य हिस्सों के बीच चलने वाली ट्रेनों से गांजा (मारिजुआना) समेत नशीले पदार्थ और अन्य प्रतिबंधित सामान जब्त किए हैं। इससे पता चलता है कि तस्कर अवैध सामान की ढुलाई के लिए रेलवे नेटवर्क का गलत इस्तेमाल तेजी से बढ़ा रहे हैं।
--आईएएनएस
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