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त्रिपुरा के वित्त मंत्री ने 34,212 करोड़ रुपये का टैक्स-फ्री बजट पेश किया, 240.72 करोड़ का घाटा अनुमान

अगरतला, 16 मार्च (आईएएनएस)। त्रिपुरा के वित्त मंत्री प्रणजीत सिंघा रॉय ने सोमवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 34,212.31 करोड़ रुपये का टैक्स-फ्री घाटे का बजट विधानसभा में पेश किया। इस बजट में 240.72 करोड़ रुपये का राजकोषीय घाटा अनुमानित है। बजट में बुनियादी ढांचे के विकास, निवेश को बढ़ावा, रोजगार सृजन तथा स्वास्थ्य और पर्यटन क्षेत्र को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है।
 
त्रिपुरा के वित्त मंत्री ने 34,212 करोड़ रुपये का टैक्स-फ्री बजट पेश किया, 240.72 करोड़ का घाटा अनुमान

अगरतला, 16 मार्च (आईएएनएस)। त्रिपुरा के वित्त मंत्री प्रणजीत सिंघा रॉय ने सोमवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 34,212.31 करोड़ रुपये का टैक्स-फ्री घाटे का बजट विधानसभा में पेश किया। इस बजट में 240.72 करोड़ रुपये का राजकोषीय घाटा अनुमानित है। बजट में बुनियादी ढांचे के विकास, निवेश को बढ़ावा, रोजगार सृजन तथा स्वास्थ्य और पर्यटन क्षेत्र को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है।

यह बजट 2025-26 के बजट अनुमान की तुलना में 5.52 प्रतिशत अधिक है।

वित्त मंत्री ने बताया कि 2026-27 में राज्य सरकार राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण त्रिपुरा ट्राइबल एरिया ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (टीटीएएडीसी) को कुल 914.82 करोड़ रुपये उपलब्ध कराएगी, जो पिछले वर्ष की तुलना में 6.34 प्रतिशत अधिक है। उल्लेखनीय है कि 30 सदस्यीय टीटीएएडीसी के चुनाव अप्रैल में होने वाले हैं।

करीब दो घंटे के अपने बजट भाषण में रॉय ने कहा कि राज्य सरकार बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, निवेश बढ़ाने, रोजगार के अवसर पैदा करने और स्वास्थ्य व पर्यटन क्षेत्र के विकास के जरिए राज्य के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए सक्रिय कदम उठा रही है।

उन्होंने त्रिपुरा गवर्नमेंट टेक्निकल यूनिवर्सिटी, त्रिपुरा गवर्नमेंट विमेंस यूनिवर्सिटी और त्रिपुरा यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज की स्थापना की घोषणा भी की।

बजट में “नवचेतना” नाम से एक नई पहल शुरू करने का ऐलान किया गया है। इसके तहत शैक्षणिक संस्थानों में इनोवेशन और टेक्नोलॉजी लैब स्थापित कर तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगा। इस कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), कोडिंग और ऑटोमेशन जैसे विषयों पर ध्यान दिया जाएगा।

इसके अलावा, नर्सिंग, आईटीआई, डिप्लोमा और स्नातक छात्रों को विदेश में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए ‘मुख्यमंत्री अंतरजातिक कर्मोसंस्थान प्रकल्प’ शुरू किया जाएगा। ड्रोन पायलटों को पेशेवर प्रशिक्षण देने के लिए डीजीसीए से मान्यता प्राप्त लाइसेंस के साथ एक ड्रोन स्कूल भी स्थापित किया जाएगा।

अगरतला में रामकृष्ण मिशन के सहयोग से एक फॉरेन लैंग्वेज स्कूल भी खोला जाएगा।

किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से बचाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 96,000 किसानों की फसलों का बीमा किया गया है। वहीं एचआईवी/एड्स की रोकथाम के लिए 11 अतिरिक्त लक्षित हस्तक्षेप कार्यक्रम, लिंक वर्कर्स और एनजीओ को शामिल किया गया है। दूरदराज क्षेत्रों में जांच के लिए छह मोबाइल वैन भी संचालित की जा रही हैं।

मिशन शक्ति के तहत हिंसा से प्रभावित महिलाओं को चिकित्सा और कानूनी सहायता, अस्थायी आश्रय, भोजन तथा मनोवैज्ञानिक परामर्श जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। राज्य के सभी आठ जिलों में वन स्टॉप सेंटर (ओएससी) संचालित हो रहे हैं और केंद्र सरकार ने दो अतिरिक्त ओएससी को भी मंजूरी दी है।

वित्त मंत्री ने बताया कि 2025-26 में अगरतला में आयोजित ‘डेस्टिनेशन त्रिपुरा-बिजनेस कॉन्क्लेव’ और नई दिल्ली में हुए ‘राइजिंग नॉर्थ ईस्ट इन्वेस्टमेंट समिट’ के दौरान राज्य को 15,800 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इनमें से 5,022 करोड़ रुपये के 91 निवेश प्रोजेक्ट पिछले एक साल में जमीन पर उतर चुके हैं।

निवेश को और गति देने के लिए मई 2026 में ‘डेस्टिनेशन त्रिपुरा-बिजनेस मीट 2026’ का आयोजन किया जाएगा।

इसके साथ ही, एशियाई विकास बैंक (एडीबी) की सहायता से पर्यटन ढांचे को मजबूत करने के लिए कई परियोजनाएं लागू की जा रही हैं। सरकारी प्रयासों के परिणामस्वरूप 2025-26 (फरवरी तक) में राज्य में पर्यटकों की संख्या बढ़कर 6,50,772 हो गई, जबकि 2018-19 में यह आंकड़ा 5,29,815 था।

--आईएएनएस

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