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टीएमसी के अल्पसंख्यक नेता अजमल सिद्दीकी ने दिया इस्तीफा, अभिषेक की कार्यशैली पर उठाए सवाल

कोलकाता, 6 जून (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राज्य सचिव मोहम्मद अजमल सिद्दीकी ने शनिवार को पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपने इस्तीफे की वजह पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली और संगठन के मौजूदा माहौल को बताया है।
 
टीएमसी के अल्पसंख्यक नेता अजमल सिद्दीकी ने दिया इस्तीफा, अभिषेक की कार्यशैली पर उठाए सवाल

कोलकाता, 6 जून (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राज्य सचिव मोहम्मद अजमल सिद्दीकी ने शनिवार को पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपने इस्तीफे की वजह पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली और संगठन के मौजूदा माहौल को बताया है।

टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को लिखे पत्र में सिद्दीकी ने कहा कि उन्होंने यह फैसला काफी सोच-विचार के बाद लिया है। उन्होंने पार्टी को अपना समय, ऊर्जा और समर्पण दिया तथा हमेशा संगठन और कार्यकर्ताओं के हित में काम किया।

उन्होंने लिखा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में काम करना उनके लिए सम्मान की बात रही और उन्होंने पार्टी के विस्तार में अपनी भूमिका निभाई, लेकिन अब वह खुद को पार्टी के साथ आगे नहीं जोड़ पा रहे हैं।

सिद्दीकी ने कहा कि उनके इस फैसले के पीछे निजी कारण भी हैं, लेकिन पार्टी के मौजूदा माहौल और कार्यप्रणाली को लेकर उनकी गहरी नाराजगी भी एक बड़ा कारण है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में मेहनती और समर्पित कार्यकर्ताओं की लगातार अनदेखी की गई, उन्हें किनारे कर दिया गया और उन्हें वह सम्मान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे। उनके अनुसार, पार्टी के भीतर संवाद और सामूहिक निर्णय लेने की लोकतांत्रिक परंपरा काफी कमजोर हो गई है, जिससे जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं में निराशा बढ़ी है।

अपने पत्र में सिद्दीकी ने विशेष रूप से अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में काम करना उनके लिए बेहद कठिन हो गया था।

उन्होंने लिखा, "मेरे अनुभव में पार्टी मामलों को संभालने और कार्यकर्ताओं के साथ व्यवहार करने का उनका तरीका ऐसा माहौल बना रहा है, जिसमें लंबे समय से जुड़े और निष्ठावान कार्यकर्ता खुद को उपेक्षित और हाशिये पर महसूस कर रहे हैं। सत्ता का अत्यधिक केंद्रीकरण और कार्यकर्ताओं से पर्याप्त सलाह-मशविरा न होने के कारण मेरे जैसे लोगों के लिए अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करना मुश्किल हो गया है।"

पत्र के अंत में सिद्दीकी ने राज्य सचिव (अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ) के रूप में मिले अवसरों और विश्वास के लिए ममता बनर्जी का आभार जताया। साथ ही उन्होंने अनुरोध किया कि उनके इस्तीफे को तत्काल प्रभाव से स्वीकार करते हुए उन्हें पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से मुक्त किया जाए।

उन्होंने ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

--आईएएनएस

डीएससी