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उत्तर प्रदेश: मदरसों में 'हर घर तिरंगा' अभियान का धर्मगुरुओं ने किया स्वागत, बोले-'तिरंगा हमारा गौरव'

लखनऊ, 11 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में मुस्लिम धर्मगुरुओं ने राज्य सरकार के मदरसों में 'हर घर तिरंगा' अभियान आयोजित करने के फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज फहराना उन स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान करने का एक उचित तरीका है जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी।
 

लखनऊ, 11 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में मुस्लिम धर्मगुरुओं ने राज्य सरकार के मदरसों में 'हर घर तिरंगा' अभियान आयोजित करने के फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज फहराना उन स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान करने का एक उचित तरीका है जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी।

यह प्रतिक्रिया उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश अंसारी की उस घोषणा के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि राज्यभर के मदरसों में 'हर घर तिरंगा' अभियान आयोजित किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने निर्देश दिया कि इन संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों और युवाओं को इस पहल में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।

खुद्दाम-ए-रोजा ताजमहल उर्स कमेटी के अध्यक्ष हाजी ताहिरुद्दीन ने इस पहल का स्वागत किया और कहा कि राष्ट्रीय ध्वज देश के गौरव, सम्मान और सामूहिक पहचान का प्रतीक है।

ताहिरुद्दीन ने आईएएनएस से ​​कहा, "अगर मंत्री दानिश अंसारी ने इसे अनिवार्य नहीं भी किया होता, तब भी हर स्कूल, कॉलेज और मदरसे पर राष्ट्रीय ध्वज फहराता। तिरंगा हमारा गौरव है और इसे फहराना हमारा अधिकार है।"

उन्होंने कहा, "हमारा धर्म (इस्लाम) हमें उस देश के नियमों और कानूनों का पालन करना सिखाता है जिसमें हम रहते हैं, इसलिए हम निश्चित रूप से तिरंगा फहराएंगे। समुदाय के सदस्यों में इस अभियान में भाग लेने को लेकर कोई हिचकिचाहट नहीं है।"

धर्मगुरु मोहम्मद जमील हयात ने भी उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले का समर्थन किया और कहा कि राष्ट्रीय ध्वज फहराने को सभी की साझा जिम्मेदारी माना जाना चाहिए, चाहे उनकी पृष्ठभूमि कुछ भी हो।

हयात ने आईएएनएस से ​​कहा, "राष्ट्रीय ध्वज फहराना हमारी जिम्मेदारी है। यह हमारे लिए बहुत खुशी का पल है कि हमें 15 अगस्त को अंग्रेजों से आजादी मिली। हमें यह दिन धूमधाम से मनाना चाहिए। उन स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में घरों और स्कूलों व मदरसों जैसे शिक्षण संस्थानों में भी राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाना चाहिए, जिनके बलिदानों से भारत को आजादी मिली।"

हयात ने कहा, "देश के लिए अपनी जान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में हर घर, स्कूल और मदरसे में राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां इससे प्रेरणा ले सकें।"

धर्मगुरुओं ने कहा कि 'हर घर तिरंगा' अभियान में शामिल होने से छात्रों को स्वतंत्रता दिवस का महत्व समझने और देश की आजादी की लड़ाई के दौरान दिए गए बलिदानों को याद करने का मौका भी मिलेगा।

उत्तर प्रदेश सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पूरे राज्य में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां जोर पकड़ रही हैं। 'हर घर तिरंगा' अभियान का मकसद नागरिकों को अपने घरों में राष्ट्रीय ध्वज लाने और उसे राष्ट्रीय गौरव और स्वतंत्रता दिवस समारोह में भागीदारी के प्रतीक के तौर पर फहराने के लिए प्रोत्साहित करना है।

दरअसल, इस अभियान के तहत, उत्तर प्रदेश भर के मदरसों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने, राष्ट्रगान गाने, देशभक्ति से जुड़ी गतिविधियों और प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान व बलिदान को उजागर करने वाले जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

इस पहल का उद्देश्य छात्रों और युवाओं को स्वतंत्रता दिवस से जुड़ी गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें देश के स्वतंत्रता संग्राम तथा भारत की आजादी के लिए लड़ने और अपनी जान देने वालों के योगदान से परिचित कराना है।

--आईएएनएस

एएसएच/पीएम