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कर्नाटक : सीएम शिवकुमार ने नागेंद्र के इस्तीफे का दिया संकेत, कहा- मंत्री खुद करेंगे बात

बेंगलुरु, 28 अगस्त (आईएएनएस)। कर्नाटक के योजना और सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफा देने की खबरों के बीच, मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शुक्रवार को कहा कि मंत्री ने सुबह उनसे बात की थी और वे इस मुद्दे पर सीधे मीडिया से बात करेंगे।
 

बेंगलुरु, 28 अगस्त (आईएएनएस)। कर्नाटक के योजना और सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफा देने की खबरों के बीच, मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शुक्रवार को कहा कि मंत्री ने सुबह उनसे बात की थी और वे इस मुद्दे पर सीधे मीडिया से बात करेंगे।

भाजपा और जेडी (एस) ने मंत्री नागेंद्र के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया है और एक कथित आदिवासी कल्याण घोटाले में उनकी भूमिका का आरोप लगाते हुए 185 किलोमीटर के विरोध मार्च की घोषणा भी की है।

सीएम शिवकुमार ने बेंगलुरु के मानेकशा परेड ग्राउंड में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि नागेंद्र से जुड़ा मामला पार्टी आलाकमान पर छोड़ दिया गया है और मंत्री खुद अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे।

जब उनसे पूछा गया कि क्या नागेंद्र ने इस्तीफा सौंप दिया है, तो सीएम शिवकुमार ने कहा, "उन्होंने सुबह मुझसे बात की थी। वे सीधे मीडिया से बात करेंगे। वे आकर आपसे बात करेंगे।"

नागेंद्र से चर्चा के विषय के बारे में पूछने पर शिवकुमार ने कहा कि मंत्री ने खुद को कांग्रेस पार्टी का 'अनुशासित सिपाही' बताया और पार्टी के लिए कोई भी कुर्बानी देने की अपनी तत्परता व्यक्त की।

सीएम शिवकुमार ने कहा, "उन्होंने मुझसे कहा कि वे पार्टी के अनुशासित सिपाही हैं और पार्टी के लिए सब कुछ करने को तैयार हैं। मैंने यह मामला उन पर छोड़ दिया है। वे सीधे आपसे बात करेंगे।"

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि नागेंद्र के संबंध में निर्णय पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व पर छोड़ दिया गया है।

सीएम शिवकुमार ने आगे कहा, "हमने मंत्री बी. नागेंद्र का मामला आलाकमान पर छोड़ दिया है। मैंने यह उन पर छोड़ दिया है और वे इस बारे में बात करेंगे। उन्होंने हमें बताया है कि वे पार्टी के लिए हर तरह की कुर्बानी देने को तैयार हैं।"

कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में कथित अनियमितताओं और संबंधित जांच को लेकर चल रहे विवाद के बीच उनके कथित इस्तीफे का मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।

भाजपा के नागेंद्र के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने, राज्य मंत्रिमंडल में उनके बने रहने पर सवाल उठाने और विधानसभा सत्र में बाधा डालने के बाद यह मुद्दा और गरमा गया था। भाजपा के रातभर विरोध प्रदर्शन की घोषणा के बाद स्पीकर ने सदन की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी थी।

--आईएएनएस

एएसएच/एबीएम