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पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए सरकार ने शुरू किया विशेष प्रशिक्षण अभियान

नई दिल्ली, 11 अगस्त (आईएएनएस)। महिला जनप्रतिनिधियों को सशक्त करने और पंचायती राज संस्थाओं में बेहतर भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने 'सशक्त पंचायत नेत्री अभियान' के तहत एक विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल शुरू किया है।
 

नई दिल्ली, 11 अगस्त (आईएएनएस)। महिला जनप्रतिनिधियों को सशक्त करने और पंचायती राज संस्थाओं में बेहतर भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने 'सशक्त पंचायत नेत्री अभियान' के तहत एक विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल शुरू किया है।

पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह ने लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि ग्राम पंचायतों में महिलाओं की सीमित भागीदारी के प्रमुख कारणों में घरेलू जिम्मेदारियां, सामाजिक झिझक और चर्चाओं के दौरान पुरुषों का वर्चस्व शामिल है।

उन्होंने कहा कि 'सशक्त पंचायत नेत्री अभियान' का उद्देश्य महिला जनप्रतिनिधियों को ग्रामीण शासन के विभिन्न पहलुओं से जुड़ी जानकारी और व्यावहारिक कौशल प्रदान करना है, ताकि वे जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें। इससे महिलाओं के नेतृत्व वाली शासन व्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।

मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (एनआईआरडीपीआर) द्वारा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ग्राम सभाओं में कम भागीदारी पर तैयार राष्ट्रीय अध्ययन रिपोर्ट में कई कारणों की पहचान की गई है।

इन कारणों में आजीविका और रोजगार से जुड़ी बाधाएं, जागरूकता की कमी, कमजोर संचार व्यवस्था, शिकायतों पर पर्याप्त कार्रवाई न होना, संबंधित विभागों के अधिकारियों की अनुपस्थिति, प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी और बैठकों में उठाए गए मुद्दों पर उचित फॉलो-अप का अभाव शामिल हैं।

राजीव रंजन सिंह ने कहा कि ग्राम सभा को अधिक सहभागी और जवाबदेह संस्था बनाने के लिए पंचायती राज मंत्रालय ने विभिन्न कदम उठाए हैं। इसके तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि ग्राम सभा संस्थान को और मजबूत किया जा सके।

उन्होंने बताया कि इन उपायों में ग्राम सभा बैठकों में सरकार की प्रमुख योजनाओं की जानकारी साझा करना, ग्राम सभाओं की संख्या बढ़ाना, राज्य पंचायती राज अधिनियम के अनुसार न्यूनतम कोरम सुनिश्चित करना, ग्राम सभा के लिए नियमित एजेंडा तैयार करना, ग्राम सभा से पहले अलग से वार्ड सभा और महिला सभा आयोजित करना तथा अधिक से अधिक लोगों की उपस्थिति सुनिश्चित करना शामिल है।

इसके अलावा, ग्राम सभा की स्थायी उप-समितियों के गठन और उनके सुचारु संचालन पर भी जोर दिया जा रहा है।

--आईएएनएस

एएमटी/एबीएम