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टीआरएआई ने लॉन्च किया डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग प्लेटफॉर्म, उपभोक्ताओं को मिलेगा विश्वसनीय जानकारी

नई दिल्ली, 25 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (टीआरएआई) ने शुक्रवार को डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग (डीसीआर) प्लेटफॉर्म लॉन्च किया, जिसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को किसी भी संपत्ति की डिजिटल कनेक्टिविटी के बारे में विश्वसनीय और पारदर्शी जानकारी उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही टीआरएआई ने डिजिटल कनेक्टिविटी की जांच के लिए एक मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया है, जो प्रॉपर्टी की कनेक्टिविटी रेटिंग प्रक्रिया को आसान बनाएगा।
 

नई दिल्ली, 25 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (टीआरएआई) ने शुक्रवार को डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग (डीसीआर) प्लेटफॉर्म लॉन्च किया, जिसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को किसी भी संपत्ति की डिजिटल कनेक्टिविटी के बारे में विश्वसनीय और पारदर्शी जानकारी उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही टीआरएआई ने डिजिटल कनेक्टिविटी की जांच के लिए एक मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया है, जो प्रॉपर्टी की कनेक्टिविटी रेटिंग प्रक्रिया को आसान बनाएगा।

यह प्लेटफॉर्म उपभोक्ताओं को उन संपत्तियों की डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग देखने की सुविधा देगा, जिन्हें आधिकारिक तौर पर रेट किया गया है। इसके माध्यम से लोग किसी भी प्रॉपर्टी की नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी की गुणवत्ता को खरीदने या किराए पर लेने से पहले समझ सकेंगे।

टीआरएआई के चेयरमैन अनिल कुमार लाहोटी ने कहा कि रेटिंग को सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराने और प्रमाणपत्रों के सत्यापन की सुविधा देने से उपभोक्ताओं को विश्वसनीय और तुलनात्मक जानकारी प्राप्त होगी। इससे लोग ऐसे घरों और कार्यालयों का चयन अधिक जानकारी के आधार पर कर सकेंगे, जहां कॉलिंग, डाउनलोडिंग और ऑनलाइन सेवाओं की बेहतर सुविधा उपलब्ध हो।

उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था उपभोक्ताओं को किसी प्रॉपर्टी में विकसित की गई डिजिटल कनेक्टिविटी अवसंरचना के महत्व को समझने में भी मदद करेगी। साथ ही प्रॉपर्टी डेवलपर्स और प्रबंधन संस्थाओं को परियोजना के शुरुआती चरण से ही डिजिटल कनेक्टिविटी सुविधाओं को शामिल करने के लिए प्रोत्साहित करेगी।

प्लेटफॉर्म पर उपभोक्ता किसी भी रेटेड प्रॉपर्टी को उसके नाम, प्रमाणपत्र संख्या (सर्टिफिकेट आईडी) या लोकेशन के आधार पर खोज सकेंगे। उन्हें संबंधित संपत्ति का डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित रेटिंग प्रमाणपत्र भी देखने को मिलेगा। इसके अलावा प्रमाणपत्र पर उपलब्ध क्यूआर कोड के माध्यम से उसकी प्रामाणिकता की जांच भी की जा सकेगी।

सरकार का कहना है कि इससे डिजिटल कनेक्टिविटी किसी संपत्ति की एक स्पष्ट और सत्यापन योग्य विशेषता बन जाएगी। परिणामस्वरूप, खरीदार या किराएदार अंतिम निर्णय लेने से पहले नेटवर्क और इंटरनेट सुविधाओं की वास्तविक स्थिति को समझ सकेंगे।

संचार मंत्रालय के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म प्रॉपर्टी मैनेजर्स (पीएम), पंजीकृत डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग एजेंसियों (डीसीआरए) और उपभोक्ताओं को एक साझा डिजिटल मंच पर लाता है, जिससे रेटिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित होगी।

पंजीकृत डीसीआरए एजेंसियां प्लेटफॉर्म के माध्यम से रेटिंग के लिए प्राप्त आवेदनों तक पहुंच सकेंगी, निरीक्षण कर सकेंगी, परीक्षण परिणाम दर्ज कर सकेंगी, आवश्यक दस्तावेजों का प्रबंधन कर सकेंगी और निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार पूरी रेटिंग प्रक्रिया को पूरा कर सकेंगी।

टीआरएआई ने फील्ड असेसमेंट के लिए विशेष डीसीआरए मोबाइल ऐप भी उपलब्ध कराया है। इस ऐप के जरिए अधिकृत एजेंसियां भवनों के भीतर डिजिटल कनेक्टिविटी की जांच निर्धारित परीक्षण पद्धति के अनुसार कर सकेंगी और माप से संबंधित डेटा सीधे सिस्टम में अपलोड कर सकेंगी।

प्राधिकरण के अनुसार, वेब पोर्टल के माध्यम से प्राप्त प्रॉपर्टी संबंधी जानकारी और मोबाइल ऐप के जरिए एकत्रित आकलन डेटा को प्लेटफॉर्म पर एकीकृत किया जाएगा। इससे डिजिटल कनेक्टिविटी से जुड़े रिकॉर्ड का बेहतर प्रबंधन और निगरानी संभव होगी।

--आईएएनएस

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