परंपरा और आधुनिकता साथ-साथ चल सकते हैं: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन
तिरुवनंतपुरम, 30 अगस्त (आईएएनएस)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रविवार को केरल में पम्बा नदी पर 'अरनमुला उथ्रित्थाथी वल्लमकाली' का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि परंपरा और आधुनिकता साथ-साथ चल सकते हैं।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास और विरासत वाले विजन को याद किया और कहा कि भारत के अलग-अलग तरह के त्योहार देश की सांस्कृतिक एकता को दिखाते हैं।
उन्होंने कहा कि हमारी विविधता बंटवारे का कारण नहीं है, यह हमारी ताकत का स्रोत है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने अरनमुला को केरल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, भक्ति और सदियों पुरानी परंपराओं का शानदार प्रतीक बताया।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि ओणम और वल्लासाद्य की पवित्र परंपरा से जुड़ी अरनमुला वल्लमकाली टीम वर्क, अनुशासन और खेल भावना को दिखाती है, जिसमें खूबसूरती से सजाई गई पल्लियोडम नावें और 100 से ज्यादा नाविक एक साथ तालमेल बिठाकर नाव चलाते हैं।
यह देखते हुए कि विदेशों में काम करने वाले लोग भी ऐसी प्यारी परंपराओं में शामिल होने के लिए वापस आते हैं, उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा कि अरनमुला दिखाता है कि कैसे सांस्कृतिक परंपराएं लोगों को उनकी जड़ों से जोड़े रखती हैं।
केरल का नाम बदलने पर राज्य के लोगों को बधाई देते हुए उपराष्ट्रपति ने याद किया कि राज्यसभा के सभापति के तौर पर उन्हें हाल ही में खत्म हुए संसद सत्र के दौरान राज्य का नाम बदलने वाले बिल को पास कराने की अध्यक्षता करने का सौभाग्य मिला था। उन्होंने ओणम के मौके पर भी शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने पम्बा नदी के आध्यात्मिक महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह सबरीमाला तीर्थयात्रा का एक अहम हिस्सा है और आस्था, शुद्धि और आध्यात्मिक समर्पण का प्रतीक है।
सबरीमाला की अपनी सात तीर्थयात्राओं को याद करते हुए उपराष्ट्रपति ने बताया कि सांसद के तौर पर नॉमिनेशन से कुछ समय पहले मंदिर की अपनी पहली यात्रा को वह बहुत खास मानते हैं।
उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि भगवान अयप्पा का आशीर्वाद उनकी बाद की चुनावी जीत में अहम था।
--आईएएनएस
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