केरल: प्रियंका गांधी वाड्रा ने वायनाड में भारी सुरक्षा पर आपत्ति जताई
वायनाड, 23 सितंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को निर्वाचन क्षेत्र वायनाड के दौरे के दौरान अपने लिए की गई व्यापक सुरक्षा व्यवस्था पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती से आम लोगों को असुविधा हो रही है।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपनी सुरक्षा में तैनात सीआरपीएफ जवानों के सामने सीधे अपनी चिंताएं जाहिर कीं और अपने संसदीय क्षेत्र के दौरों के दौरान इतनी बड़ी सुरक्षा टुकड़ी की जरूरत पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उन्हें इतने सारे सुरक्षाकर्मियों की जरूरत नहीं है और इतनी ज्यादा सुरक्षा तैनाती से उन लोगों को परेशानी हो रही है जिनसे वह मिलने आई हैं।
खबरों के मुताबिक, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सुरक्षा इंतजाम इसी तरह जारी रहे तो वह अपने संसदीय क्षेत्र के दौरों की पहले से जानकारी देना बंद कर देंगी।
लोकसभा में वायनाड का प्रतिनिधित्व करने वाली प्रियंका ने हमेशा अपने संसदीय क्षेत्र के लोगों के साथ सीधा संपर्क बनाए रखने पर जोर दिया है। हालांकि, सुरक्षा इंतजाम ऐसे मेल-जोल में बाधा बनते दिख रहे थे, जिसके चलते उन्होंने यह मुद्दा सीधे सीआरपीएफ के सामने उठाया।
उन्हें सुरक्षा से कोई आपत्ति नहीं थी, बल्कि उन्हें इतनी ज्यादा तैनाती पर आपत्ति थी, जिससे आम लोगों की आवाजाही और सुविधा पर असर पड़ता था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पाबंदियां उनके संसदीय क्षेत्र के काम में बाधा नहीं बननी चाहिए। उनकी ये बातें इसलिए अहम हैं क्योंकि वायनाड में कई दूर-दराज और पहाड़ी इलाके हैं, जहां जन-प्रतिनिधि अक्सर संकरी सड़कों से होकर निवासियों से मिलने जाते हैं। भारी सुरक्षा मौजूदगी से ट्रैफिक पर पाबंदियां लग सकती हैं और लोगों के लिए अपने चुने हुए प्रतिनिधि से मिलना मुश्किल हो सकता है।
प्रियंका को दी गई सुरक्षा व्यवस्था के तहत उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआरपीएफ की है, और उनके सार्वजनिक कार्यक्रमों और संसदीय क्षेत्र के दौरों के दौरान इसके जवान उनके साथ रहते हैं।
प्रियंका गांधी के दौरों में आम तौर पर स्थानीय लोगों, पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय संगठनों के साथ बैठकें, और साथ ही विकास व पुनर्वास से जुड़े मुद्दों की समीक्षा शामिल होती है।
उन्होंने सुरक्षाकर्मियों से कहा कि मुझे इतने सुरक्षाकर्मियों की जरूरत नहीं है। उनकी मौजूदगी से आम लोगों को परेशानी हो रही है। वह भविष्य के दौरों के दौरान सुरक्षा का इंतजाम कम रखना चाहती हैं।
--आईएएनएस
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