जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने पर भाजपा अपना रुख स्पष्ट करे: उमर अब्दुल्ला
श्रीनगर, 25 सितंबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर को फिर से राज्य का दर्जा देने के सबसे बड़े विरोधी भाजपा के नेता हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शुक्रवार को लाया गया प्रस्ताव केवल राज्य का दर्जा बहाल करने से जुड़ा है, विशेष दर्जे या स्वायत्तता से नहीं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "हम सिर्फ इतना चाहते हैं कि जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा वापस मिले। यहां चुनी हुई सरकार को सत्ता संभाले अब लगभग दो साल हो गए हैं। आज हम यह प्रस्ताव केवल केंद्र सरकार को यह याद दिलाने के लिए लाए हैं कि उसे जम्मू-कश्मीर के लोगों से किया गया अपना वादा पूरा करना चाहिए।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेता शमलाल शर्मा ने उनकी सरकार से पिछले दो वर्षों के कामकाज का हिसाब देने को कहा है।
उन्होंने कहा, "भाजपा सोमवार को हमारे दो साल के कामकाज का हिसाब मांगने वाला प्रस्ताव लेकर आए। हम हिसाब देने के लिए तैयार हैं और इन दो वर्षों के दौरान हमारे सामने आई मुश्किलों को भी बताएंगे। विधानसभा में विपक्ष के नेता राज्य का दर्जा बहाल करने के सबसे बड़े विरोधी हैं। वह यह सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कोशिश कर रहे हैं कि जम्मू-कश्मीर को दोबारा राज्य का दर्जा न मिले।"
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, "आज हमने सदन में जो प्रस्ताव पेश किया है, वह केवल राज्य का दर्जा बहाल करने के बारे में है। इसमें जम्मू-कश्मीर की स्वायत्तता या विशेष दर्जे की बात नहीं की गई है। उनसे जुड़े प्रस्ताव पहले ही पारित हो चुके हैं और वे सदन की संपत्ति हैं। आज के प्रस्ताव में हमने 'इसके अतिरिक्त' शब्द का इस्तेमाल सिर्फ इसलिए किया है, ताकि पिछले प्रस्तावों को लेकर कोई भ्रम न हो। यह प्रस्ताव पूरी तरह से राज्य का दर्जा बहाल करने के बारे में है।"
उन्होंने कहा, "भाजपा सदस्यों ने सदन में हंगामा किया और फिर वॉकआउट कर दिया। अगर वे चाहते हैं कि जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल हो, तो उन्हें विधानसभा में आकर प्रस्ताव के पक्ष में वोट देना चाहिए। अगर वे राज्य का दर्जा बहाल नहीं करना चाहते, तो प्रस्ताव के खिलाफ वोट दें। वॉकआउट करके उन्होंने जनता के सामने खुद को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। वे हमारे वादों की बात करते हैं, जबकि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस देने की बात उनके 2014 के चुनावी घोषणापत्र में भी शामिल थी। वे उस चीज को बहाल नहीं करना चाहते, जिसके नाम पर उन्हें वोट मिले और आज सदन में उनके 29 विधायक हैं।"
जब मुख्यमंत्री से भाजपा नेताओं के दावे के बारे में पूछा गया कि उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) सरकार जल्द गिर जाएगी तो उन्होंने कहा, "आज का प्रस्ताव न तो मेरी पार्टी के लिए है और न ही किसी परिवार के लिए। इसका एकमात्र उद्देश्य केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर को राज्य का वह दर्जा वापस देने की मांग करना है, जिसका उसने वादा किया था। अगर भाजपा को इतना ही भरोसा है कि मेरी सरकार गिरने वाली है, तो उसे विधानसभा में प्रस्ताव लाकर मेरी सरकार के खिलाफ मतदान कराना चाहिए।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा को इस मुद्दे पर अपना रुख विधानसभा में स्पष्ट करना चाहिए।
--आईएएनएस
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