तमिलनाडु के मंत्री सेंगोट्टैयन ने एआईएडीएमके के खरीद-फरोख्त के आरोप को किया खारिज, कहा-बयान का गलत मतलब निकाला गया
चेन्नई, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु के मंत्री सेंगोट्टैयन ने एआईएडीएमके के उस आरोप को खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि वह विधायकों की खरीद-फरोख्त (हॉर्स-ट्रेडिंग) को बढ़ावा दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उनका यह बयान कि '15 और लोग मुख्यमंत्री विजय की 'तमिलगा वेत्री कझगम' (टीवीके) में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं', विशेष रूप से विपक्षी विधायकों के बारे में नहीं था।
राज्यपाल अर्लेकर से एआईएडीएमके की शिकायत के बारे में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए, सेंगोट्टैयान ने कहा कि पार्टी ने उनकी बातों का गलत मतलब निकाला है। उन्हें राज्यपाल के पास जाने से पहले उनके बयान का सही अर्थ समझ लेना चाहिए था।
उन्होंने कहा, "मैंने कभी ऐसा कोई बयान नहीं दिया कि एआईएडीएमके के विधायक टीवीके में शामिल होंगे। मैंने बस इतना कहा था कि 15 लोग आएंगे लेकिन मैंने किसी का नाम नहीं लिया। कोई भी शिकायत करने से पहले यह अच्छी तरह समझ लेना चाहिए कि असल में क्या कहा गया था।"
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद एआईएडीएमके के कई नेता पार्टी छोड़कर जा चुके हैं। पूर्व मंत्रियों सहित छह विधायकों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और सत्ताधारी टीवीके में शामिल हो गए। इनमें मरगथम कुमारवेल और सत्यभामा भी शामिल थीं, जिन्होंने बाद में टीवीके उम्मीदवार के रूप में उपचुनाव लड़ा और जीत हासिल की।
सेंगोट्टैयान के इस दावे से एआईएडीएमके नाराज हो गई है। विपक्षी पार्टी ने उन पर 'हॉर्स-ट्रेडिंग' (खरीद-फरोख्त) को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराकर राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग की।
इन आरोपों को खारिज करते हुए मंत्री ने तर्क दिया कि राजनीतिक नेताओं का एक पार्टी से दूसरी पार्टी में जाना एक आम बात है, और इसे हमेशा 'हॉर्स-ट्रेडिंग' नहीं कहा जा सकता। उन्होंने एमडीएमके के दो नेताओं के डीएमके में शामिल होने का उदाहरण देते हुए पूछा कि इस घटना को अलग नजरिए से क्यों देखा जाना चाहिए। उन्होंने एआईएडीएमके के आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा, "आज एमडीएमके के दो लोग डीएमके में शामिल हुए हैं। आप इसे क्या कहेंगे?"
उन्होंने कहा कि इस तरह के राजनीतिक बदलाव पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता के कार्यकाल में भी हुए थे, और तब भी हुए थे जब एडप्पादी के पलानीस्वामी एआईएडीएमके के महासचिव थे। उन्होंने बताया कि अन्य राजनीतिक दलों के लोग एआईएडीएमके में शामिल हुए थे, जबकि कुछ लोग एआईएडीएमके छोड़कर दूसरी पार्टियों में चले गए और बाद में उन्होंने साथ मिलकर चुनाव भी लड़ा।
सेंगोट्टैयान के अनुसार, नेताओं का इस तरह एक पार्टी से दूसरी पार्टी में जाना राजनीति का एक सामान्य हिस्सा है। इसलिए, पार्टी बदलने की हर घटना को 'हॉर्स-ट्रेडिंग' का नाम देने का कोई आधार नहीं है।
अपनी प्रतिक्रिया का समापन एक दार्शनिक टिप्पणी के साथ करते हुए मंत्री ने कहा कि लोग भले ही पूरी दुनिया जीतने की इच्छा रखें, लेकिन समय को कोई नहीं जीत सकता। उन्होंने शिकायत को खारिज करते हुए फिर से कहा, "कोई भी समय पर काबू नहीं पा सकता और न ही इसके खिलाफ कोई जादू कर सकता है।"
--आईएएनएस
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