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तमिलनाडु के अधिकारों से कोई समझौता नहीं करेगी सरकार: उच्च शिक्षा मंत्री विश्वनाथन

चेन्नई, 28 मई (आईएएनएस)। तमिलनाडु के उच्च शिक्षा मंत्री पी. विश्वनाथन ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि नवगठित टीवीके नेतृत्व वाली सरकार राज्य के अधिकारों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगी। राज्य विश्वविद्यालयों में कुलपतियों (वाइस चांसलर) की नियुक्ति के अधिकार को लेकर उठे राजनीतिक विवाद के बीच उन्होंने यह बयान दिया।
 
तमिलनाडु के अधिकारों से कोई समझौता नहीं करेगी सरकार: उच्च शिक्षा मंत्री विश्वनाथन

चेन्नई, 28 मई (आईएएनएस)। तमिलनाडु के उच्च शिक्षा मंत्री पी. विश्वनाथन ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि नवगठित टीवीके नेतृत्व वाली सरकार राज्य के अधिकारों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगी। राज्य विश्वविद्यालयों में कुलपतियों (वाइस चांसलर) की नियुक्ति के अधिकार को लेकर उठे राजनीतिक विवाद के बीच उन्होंने यह बयान दिया।

मंत्री का यह स्पष्टीकरण एक दिन पहले मदुरै में दिए गए उनके बयान के बाद आया, जिस पर डीएमके, वीसीके, सीपीआई और पीएमके समेत कई राजनीतिक दलों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी।

बुधवार को एक संवाद के दौरान विश्वनाथन ने कथित तौर पर कहा था कि नई सरकार पिछली सरकार द्वारा लागू की गई हर नीति को जारी रखने के लिए बाध्य नहीं है, खासकर विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति (चांसलर) के रूप में मुख्यमंत्री की भूमिका से जुड़ी नीतियों को लेकर।

उनके इस बयान के बाद विपक्षी दलों और सहयोगी नेताओं ने सरकार पर उच्च शिक्षा के मामलों में राज्य की स्वायत्तता और अधिकारों को कमजोर करने का आरोप लगाया था।

गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए विश्वनाथन ने कहा कि उनकी टिप्पणियों को गलत तरीके से समझा गया। उन्होंने दोहराया कि तमिलनाडु के अधिकारों की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा, “हमारा रुख बिल्कुल स्पष्ट है। राज्य के अधिकार हमारे लिए सर्वोपरि हैं। एक विधायक, मंत्री और तमिलनाडु के नागरिक के रूप में मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि हम इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेंगे।”

मंत्री ने कहा कि सरकार तमिलनाडु के प्रत्येक नागरिक के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है तथा राज्य के किसी भी संवैधानिक या प्रशासनिक अधिकार को छोड़ने का कोई इरादा नहीं रखती।

अपने पहले के बयान को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि इस विषय पर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री विजय विभागीय अधिकारियों और मंत्रिमंडल के सहयोगियों से चर्चा के बाद लेंगे।

उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों और अन्य मंत्रियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श के बाद अंतिम फैसला करेंगे। मेरी टिप्पणी केवल एक सामान्य टिप्पणी थी, किसी विशेष संदर्भ में दिया गया जवाब नहीं।”

यह विवाद राज्य विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति के अधिकार को लेकर है। पिछली डीएमके सरकार के दौरान तमिलनाडु विधानसभा ने विभिन्न विश्वविद्यालय अधिनियमों में संशोधन कर कुलपति नियुक्त करने का अधिकार राज्यपाल से लेकर मुख्यमंत्री को सौंपने का प्रावधान किया था। इसे राज्य के अधिकारों और संघीय ढांचे की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया था।

विश्वनाथन ने कहा, “हम एक नई सरकार हैं। फिलहाल मैं इस मुद्दे के विवरण में नहीं जाना चाहता, लेकिन न तो कांग्रेस और न ही टीवीके तमिलनाडु के लोगों के अधिकारों से कभी समझौता करेगी।”

--आईएएनएस

डीएससी