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तमिलनाडु सरकार ने चेन्नई के 15 जोन में विकास कार्यों की निगरानी के लिए मंत्रियों को नियुक्त किया

चेन्नई, 26 अगस्त (आईएएनएस)। तमिलनाडु सरकार ने ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (जसीसी) के सभी 15 जोन में विकास परियोजनाओं की बारीकी से निगरानी करने और शहर भर में कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए मंत्रियों को नियुक्त किया है।
 

चेन्नई, 26 अगस्त (आईएएनएस)। तमिलनाडु सरकार ने ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (जसीसी) के सभी 15 जोन में विकास परियोजनाओं की बारीकी से निगरानी करने और शहर भर में कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए मंत्रियों को नियुक्त किया है।

चेन्नई जिले के प्रभारी मंत्री आधव अर्जुन मंत्रियों की गतिविधियों में तालमेल बिठाएंगे और कॉर्पोरेशन की सीमा के भीतर सरकारी कार्यक्रमों के व्यापक कार्यान्वयन की देखरेख करेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करना, नागरिक परियोजनाओं में तेजी लाना और जोन स्तर पर योजनाओं की बेहतर निगरानी सुनिश्चित करना है।

सरकार द्वारा की गई नियुक्ति के तहत, हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती मंत्री रमेश को उत्तरी चेन्नई में तिरुवोट्टियूर (जोन 1) और मनाली (जोन 2) का प्रभार दिया गया है। सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल सेवा मंत्री टी. लोकेश तमिलसेल्वन माधववरम (जोन 3) और टोंडियारपेट (जोन 4) की निगरानी करेंगे।

स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. केजी अरुणराज को रोयापुरम (जोन 5) और थिरु-वी-का नगर (जोन 6) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हथकरघा, कपड़ा और खादी मंत्री एम. विजय बालाजी तीन जोन—अंबाटूर (जोन 7), अन्ना नगर (जोन 8) और तेयनमपेट (जोन 9)—की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनके प्रभार वाले क्षेत्रों में शहर के पश्चिमी इलाकों से लेकर महत्वपूर्ण केंद्रीय क्षेत्र तक शामिल हैं।

पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. टीके बीजू कोडंबक्कम (जोन 10) और वलसरवक्कम (जोन 11) की देखरेख करेंगे। परिवहन मंत्री विजय तमिलन पार्थिबन को अलंदूर (जोन 12) और अड्यार (जोन 13) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री के. विग्नेश पेरुंगुडी (जोन 14) और शोलिंगनल्लूर (जोन 15) की निगरानी करेंगे।

इन दक्षिणी जोन में तेजी से विकसित हो रहे रिहायशी और कमर्शियल इलाके और साथ ही प्रमुख इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी कॉरिडोर भी शामिल हैं।

मंत्रियों से उम्मीद है कि वे विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे, देरी के कारणों की पहचान करेंगे और लागू करने में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए जीसीसी अधिकारियों और अन्य सरकारी विभागों के साथ तालमेल बिठाएंगे। वे यह भी देखेंगे कि क्या कल्याणकारी योजनाएं पात्र निवासियों तक पहुंच रही हैं और अपने जिम्मे वाले जोन की नागरिक जरूरतों की जांच करेंगे।

पूरे शहर में किए गए इस बँटवारे से हर जीसीसी जोन को एक मंत्री के तौर पर सुपरवाइजर मिला है, जबकि चेन्नई जिले के प्रभारी मंत्री की केंद्रीय समन्वय की भूमिका बनी रहेगी। सरकार को उम्मीद है कि इस व्यवस्था से जवाबदेही बढ़ेगी और स्थानीय बुनियादी ढांचे, सार्वजनिक सेवाओं और कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में तेजी से फैसले लिए जा सकेंगे।

नियमित समीक्षाओं से अधिकारियों को जोन-विशेष की समस्याओं को हल करने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही, नई निगरानी व्यवस्था के तहत राज्य प्रशासन, कॉर्पोरेशन और चेन्नई के निवासियों के बीच बेहतर तालमेल बना रहेगा।

--आईएएनएस

एमएस/