Aapka Rajasthan

तमिलनाडु : मेट्टूर में तेंदुए के हमले की आशंका, वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी

सलेम, 20 सितंबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु के मेट्टूर के पास कोलाथुर स्थित कन्नामूची गांव में तेंदुए के हमले की आशंका के बाद वन विभाग ने निगरानी तेज कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि गांव में 10 से ज्यादा बकरियों, दो बछड़ों और कई कुत्तों की मौत हुई है, जिसके पीछे तेंदुए का हमला माना जा रहा है।
 

सलेम, 20 सितंबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु के मेट्टूर के पास कोलाथुर स्थित कन्नामूची गांव में तेंदुए के हमले की आशंका के बाद वन विभाग ने निगरानी तेज कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि गांव में 10 से ज्यादा बकरियों, दो बछड़ों और कई कुत्तों की मौत हुई है, जिसके पीछे तेंदुए का हमला माना जा रहा है।

इन घटनाओं के बाद गांव के लोगों में दहशत है, खासकर उन किसानों और पशुपालकों में जिनके घर और खेत जंगल की सीमा के करीब हैं।

अधिकारियों का मानना है कि एक तेंदुआ शिकार की तलाश में पास के इरोड फॉरेस्ट रिजर्व से भटक कर गांव में आ गया है।

गांव वालों की शिकायत मिलने के बाद वन विभाग के कर्मचारियों ने प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया और मौतों के कारणों की जांच की। हालांकि अभी तक तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि हमलों के तरीके से इलाके में किसी बड़े जंगली जानवर की मौजूदगी का अंदेशा है।

मेट्टूर फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर सेंगोट्टैयान ने बताया कि कन्नामूची एक छोटा गांव है जो जंगल के बड़े हिस्से से घिरा हुआ है। इलाके में और आसपास कुल 717 हेक्टेयर वन भूमि है, जो इरोड रिजर्व से आने वाले जंगली जानवरों के लिए एक संभावित रास्ता बन सकती है।

अधिकारियों को शक है कि तेंदुआ कन्नामूची के जंगल में घुसा और पर्याप्त शिकार न मिलने पर पास के खेतों में चला गया। बकरियों और बछड़ों के अलावा मुर्गियों और कुत्तों पर भी इस जानवर ने हमला किया है।

एहतियात के तौर पर वन विभाग ने गांव में और आसपास 5 रणनीतिक जगहों पर पिंजरे लगाए हैं। कई जगहों पर कैमरा ट्रैप भी लगाए गए हैं ताकि जानवर की गतिविधि रिकॉर्ड की जा सके, यह पुष्टि हो सके कि वह तेंदुआ ही है और पता चल सके कि वह किन इलाकों में ज्यादा आ रहा है। वनकर्मी गांव, आसपास के खेतों और जंगल के किनारे लगातार गश्त कर रहे हैं।

अधिकारी ग्रामीणों से भी जानकारी जुटा रहे हैं, जैसे जानवर को देखा जाना, अजीब आवाजें या नए पंजों के निशान। ग्रामीणों को सतर्क रहने और सुबह जल्दी और शाम देर से जंगल की सीमा के पास अकेले न जाने की सलाह दी गई है। किसानों से कहा गया है कि वे रात में अपनी बकरियों, बछड़ों और अन्य पशुओं को सुरक्षित बाड़े में रखें।

अधिकारियों ने बताया कि जब तक संदिग्ध जानवर की पहचान नहीं हो जाती और उसे सुरक्षित पकड़ा नहीं जाता, तब तक निगरानी जारी रहेगी। विभाग पशुओं की मौत रोकने और जंगल के पास रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सावधानी बरत रहा है।

--आईएएनएस

वीकेयू/