हजारों खाली सरकारी नौकरियों की अनदेखी कर रही तमिलनाडु सरकार: नैनार नागेंद्रन
चेन्नई, 11 जुलाई (आईएएनएस)। तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने शनिवार को मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सरकारी विभागों में हजारों खाली पद भरने में नाकाम रही है, जबकि चुनिंदा लाभार्थियों के लिए नौकरियों की घोषणा कर रही है।
एक कड़े बयान में नागेंद्रन ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार बड़ी संख्या में खाली पद होने के बावजूद अहम सरकारी सेवाओं में भर्ती में देरी करके लाखों पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं की उम्मीदों को नजरअंदाज कर रही है।
पिछले साल करूर में विजय की चुनावी प्रचार सभा के दौरान हुई मौतों का जिक्र करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि सरकार ने सत्ता में आने के बाद प्रभावित परिवारों के लिए सरकारी नौकरियों की घोषणा की थी। इस कदम को मानवीय पहल बताते हुए उन्होंने सवाल किया कि क्या ऐसी चुनिंदा नियुक्तियां पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर भर्ती की कमी की भरपाई कर सकती हैं।
उन्होंने कहा, "सरकारी नौकरियों के लिए अर्हता प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करने वाले लाखों योग्य युवाओं की रोजगार संबंधी जरूरतों को पूरा करने के बजाय, सरकार केवल कुछ ही नियुक्तियों पर ध्यान केंद्रित करती दिख रही है।"
नागेंद्रन ने दावा किया कि उच्च शिक्षा, स्कूली शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और सार्वजनिक उपयोगिताओं सहित कई क्षेत्रों में रिक्तियां थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि तमिलनाडु में 181 सरकारी कला और विज्ञान कॉलेजों में से लगभग 125 बिना प्रधानाध्यापकों के काम कर रहे थे और सहायक प्रोफेसर के लगभग 9,000 पद खाली पड़े थे।
उन्होंने आगे दावा किया कि मद्रास विश्वविद्यालय, मदुरै कामराज विश्वविद्यालय और भारतीदासन विश्वविद्यालय सहित प्रमुख विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर के आधे से अधिक पद नहीं भरे गए थे।
भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी स्कूलों में इंटरमीडिएट शिक्षक के 30,000 से अधिक पद और हजारों अन्य शिक्षण पद खाली पड़े थे।
उन्होंने कहा कि 7,000 से अधिक सरकारी नर्सें स्थायी नियुक्तियों की मांग कर रही थीं, जबकि तमिलनाडु बिजली बोर्ड में भी रिक्तियां बनी हुई थीं, जहां गैंगमैन सहित नौकरी के इच्छुक उम्मीदवार योग्यता के आधार पर भर्ती की मांग कर रहे थे।
उन्होंने आगे दावा किया कि सफाई कर्मचारी, डॉक्टर, आंगनबाड़ी कर्मचारी और परिवहन कर्मचारी भी नियमित सरकारी नियुक्तियों की मांग कर रहे थे।
सरकार की भर्ती प्रक्रिया की आलोचना करते हुए, नागेंद्रन ने बताया कि विभिन्न विभागों में बड़ी संख्या में खाली पद होने के बावजूद इस साल की टीएनपीएससी ग्रुप-I परीक्षा के लिए केवल 26 रिक्तियों की घोषणा की गई थी।
उन्होंने यह भी सवाल किया कि हजारों उम्मीदवारों के पहले ही शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) और शिक्षक भर्ती बोर्ड (टीआरबी) परीक्षाओं जैसी परीक्षाओं में उत्तीर्ण होने के बावजूद सरकार ने विभाग-वार भर्ती कार्यक्रम जारी क्यों नहीं किया। नागेंद्रन ने मुख्यमंत्री से भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने की अपील करते हुए सरकार से कहा कि वह सभी विभागों में खाली पदों को तुरंत भरे और यह सुनिश्चित करे कि सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे योग्य उम्मीदवारों को बिना किसी और देरी के नियुक्ति मिले।
--आईएएनएस
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