तृणमूल कांग्रेस एक परिवार की राजनीतिक पार्टी की तरह काम नहीं कर सकती : ऋतब्रत बनर्जी
कोलकाता, 12 सितंबर (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि इसे एक ऐसी पार्टी के तौर पर नहीं चलने देना चाहिए, जो किसी परिवार द्वारा चलाई जाती हो और जिसकी सभी नीतियां किसी एक व्यक्ति की मर्जी और दया पर निर्भर हों।
ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस को लोकतांत्रिक तरीके से चलाया जाना चाहिए। पहले पार्टी जिस तरह से चलाई जा रही थी, वह किसी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी जैसी थी, जहां सब कुछ पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मर्जी पर निर्भर था। हमें लगता है कि तृणमूल कांग्रेस को परिवार द्वारा चलाई जाने वाली पार्टी के तौर पर काम नहीं करना चाहिए, जहां पार्टी के सभी फैसले किसी एक व्यक्ति की मर्जी पर निर्भर हों।
ऋतब्रत बनर्जी ने यह बातें शनिवार दोपहर नई दिल्ली में इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट में चुनाव आयोग के साथ बैठक के बाद मीडिया से कही।
हालांकि तय बैठक सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक एक घंटे की थी, लेकिन असल में यह बैठक लगभग एक घंटे 20 मिनट तक चली। बैठक का मुख्य मकसद ईसीआई को पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर अपने दावों के समर्थन में ऋतब्रत बनर्जी के गुट की दलीलें सुनना था।
मीडिया से बात करते हुए, ऋतब्रत बनर्जी ने आयोग के साथ बैठक के दौरान हुई बातचीत की जानकारी देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मुझे यह नहीं बताना चाहिए कि बैठक में असल में क्या हुआ। मैं बस इतना कह सकता हूं कि ऐसे मामलों में तथ्य और सहायक दस्तावेज मायने रखते हैं। हमारे प्रतिनिधिमंडल ने आयोग द्वारा मांगे गए ज्यादातर दस्तावेज जमा कर दिए थे। ईसीआई ने कुछ और दस्तावेज मांगे हैं, जिन्हें हम जमा कर देंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने आयोग से मामले में जल्द से जल्द फैसला लेने का अनुरोध किया है, क्योंकि पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा के लिए होने वाले उपचुनावों में नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 16 सितंबर है।
उन्होंने कहा कि हमने आयोग के सामने अपनी पूरी क्षमता से दलीलें रखी हैं। भारत के संविधान ने ईसीआई को इस मामले में अंतिम फैसला लेने का अधिकार दिया है। मैं ममता बनर्जी नहीं हूं। मैं अभी आयोग के फैसले के बारे में कुछ नहीं कह सकता।
--आईएएनएस
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