टाइगर श्रॉफ पर हमले को लेकर कांग्रेस का सवाल, महाराष्ट्र सरकार पर संगठित अपराध गिरोहों को संरक्षण देने का लगाया आरोप
मुंबई, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एमपीसीसी) के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी को निशाना बनाकर की गई फायरिंग की हाई-प्रोफाइल घटना के बाद महायुति सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोमवार को मुख्यमंत्री और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस पर पूर्ण अराजकता की स्थिति बनाए रखने का आरोप लगाया।
उन्होंने तत्काल जवाबदेही की मांग करते हुए सवाल उठाया कि गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई अहमदाबाद की साबरमती जेल के अंदर से बिना किसी सरकारी संरक्षण या राजनीतिक सहायता के अपना विशाल आपराधिक साम्राज्य कैसे चला रहा है?
सपकाल ने कहा कि अभिनेता टाइगर श्रॉफ, फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी, अभिनेता सलमान खान सहित हाई-प्रोफाइल हस्तियों पर दिनदहाड़े हुए हमले और पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या यह साबित करते हैं कि अपराधी अब पुलिस से नहीं डरते।
उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय ने अगस्त 2023 में दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 268 के तहत एक आदेश जारी किया था। यह आदेश राज्य पुलिस बलों को लॉरेंस बिश्नोई को पूछताछ के लिए गुजरात की साबरमती जेल से बाहर स्थानांतरित करने से रोकता है। यह एक कानूनी प्रतिबंध है जिसे हर वर्ष नवीनीकृत किया जाता है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के संगठित अपराध के 'सरगनाओं' के खिलाफ कार्रवाई करने के दावों को खारिज करते हुए, सपकाल ने राज्य सरकार को चुनौती दी कि वह केंद्रीय गृह मंत्रालय से बिश्नोई की कानूनी छूट रद्द करने और उसे पूछताछ और मुकदमे के लिए मुंबई लाने का अनुरोध करे।
सपकाल ने आरोप लगाया कि मुंबई पुलिस बल का खौफ अब बीते जमाने की बात हो गई है क्योंकि कानून प्रवर्तन का इस्तेमाल केवल जबरन वसूली और राजनीतिक धमकियों के लिए किया जा रहा है। उन्होंने सत्तारूढ़ भाजपा में शामिल होने से इनकार करने के बाद पूर्व कांग्रेस विधायक राहुल बोंद्रे के खिलाफ जारी पुलिस उत्पीड़न का हवाला दिया।
उन्होंने कहा, “अगर मुंबई के बीचोंबीच दिनदहाड़े एक मशहूर फिल्म अभिनेता को निशाना बनाया जा सकता है, तो आम नागरिक की सुरक्षा का क्या हाल रह जाता है? लॉरेंस बिश्नोई अहमदाबाद की जेल से अपना पूरा गिरोह कैसे चला रहा है? सरकार की सीधी मंजूरी के बिना यह नामुमकिन है।”
उन्होंने आगे कहा कि असम पुलिस विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार करने के लिए गुजरात या दिल्ली तक जा सकती है, जबकि बिहार में दर्ज की गई एफआईआर मुंबई में सीबीआई जांच शुरू करवा सकती है। फिर भी, महाराष्ट्र सरकार गुजरात में बैठे एक गैंगस्टर से पूछताछ करने में खुद को बेबस बताती है। बिश्नोई का भाजपा से क्या संबंध है कि उसे इतनी सरकारी सुरक्षा मिल रही है? खोखली धमकियों और खोखले वादों के बजाय, गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस को बिश्नोई को मुंबई प्रत्यर्पित करने, उससे पूछताछ करने और कानून के तहत उस पर मुकदमा चलाने का साहस दिखाना चाहिए।
सपकाल ने कहा कि अगर यह सरकार गैंगस्टरों, ड्रग तस्करों और रेत माफियाओं पर लगाम नहीं लगा सकती, तो उसे सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है और उसे तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।
इससे पहले, शिवसेना यूबीटी और एनसीपी एसपी ने भी टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति सरकार की आलोचना की थी।
--आईएएनएस
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