भारत में अगले दो वर्षों में हर चार में से तीन कॉरपोरेट ऑफिस पोर्टफोलियो का विस्तार करने की बना रहे योजना
नई दिल्ली, 20 अगस्त (आईएएनएस)। भारत में कंपनियां अब भरोसे और मजबूत कारोबारी संभावनाओं के आधार पर विकास के चरण में प्रवेश कर रही हैं। इस कारण हर चार में से तीन कॉरपोरेट ऑफिस उपयोगकर्ता अगले दो वर्षों में अपने ऑफिस पोर्टफोलियो का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं। यह जानकारी गुरुवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।
सीबीआरई साउथ एशिया प्राइवेट लिमिटेड की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 30 प्रतिशत ऑफिस उपयोगकर्ता भारत में अपने ऑफिस पोर्टफोलियो का ‘महत्वपूर्ण’ विस्तार करने की योजना बना रहे हैं, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 18 प्रतिशत था।
अप्रैल से जून 2026 के बीच किए गए सर्वेक्षण पर आधारित इस रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनियों के बीच भरोसे के आधार पर विस्तार के ट्रेंड में मजबूत वृद्धि हुई है। सर्वे में शामिल करीब आधे ऑफिस उपयोगकर्ता कारोबार में वृद्धि के साथ अपनी रियल एस्टेट मौजूदगी बढ़ाने और मौजूदा परिसंपत्तियों को समेकित करने की रणनीति अपना रहे हैं।
इसी दौरान, करीब एक चौथाई ऑफिस उपयोगकर्ता अगले दो वर्षों में अपने मौजूदा लीज समझौतों को नवीनीकृत करने की योजना बना रहे हैं।
विस्तार की योजना बना रहे उत्तरदाताओं ने कहा कि वे अगले दो वर्षों में भारत में अपने ऑफिस पोर्टफोलियो का 30 प्रतिशत से अधिक विस्तार करना चाहते हैं।
सीबीआरई के चेयरमैन एवं सीईओ (भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, मध्य पूर्व और अफ्रीका) अंशुमान मैगजीन ने कहा, “जब करीब एक-तिहाई ऑफिस उपयोगकर्ता अपनी ऑफिस मौजूदगी को एक-तिहाई से अधिक बढ़ाने की योजना बना रहे हैं, तो यह इस बात का संकेत है कि कंपनियां भारत की रियल एस्टेट रणनीति को लेकर केवल चक्रीय नहीं, बल्कि संरचनात्मक बदलाव की दिशा में बढ़ रही हैं।”
उन्होंने कहा कि ऑफिस क्षेत्र में कुल उपलब्ध स्थान पहले ही 1 अरब वर्ग फुट का आंकड़ा पार कर चुका है। ऐसे में कंपनियों का यह उत्साह कॉरपोरेट विकास के लिए भारत को दीर्घकालिक गंतव्य के रूप में लेकर उनके लगातार भरोसे को दर्शाता है।
सीबीआरई के भारत में लीजिंग सर्विसेज के प्रबंध निदेशक राम चंदनानी ने इस विस्तार की व्यापकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह विस्तार किसी एक क्षेत्र या किसी विशेष क्षेत्र से आने वाली कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी जरूरत कंपनियों की परिचालन आवश्यकताओं से जुड़ी है।
उन्होंने कहा, “करीब 63 प्रतिशत बड़े आकार के ऑफिस उपयोगकर्ता अगले दो वर्षों में विस्तार और समेकन की योजना बना रहे हैं। इससे स्थापित और उभरते दोनों माइक्रो-मार्केट में ऑफिस की मांग बढ़ने की संभावना है।”
भारतीय ऑफिस बाजार ने पिछले कुछ वर्षों में मजबूत प्रदर्शन किया है। दूसरी 2026 में सकल लीजिंग 2.46 करोड़ वर्ग फुट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई, जो पिछली तिमाही की तुलना में 18 प्रतिशत और पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 14 प्रतिशत अधिक है।
इससे 2026 की पहली छमाही में कुल ऑफिस अवशोषण 4.55 करोड़ वर्ग फुट हो गया, जो किसी छमाही के लिए अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है और 2025 की पहली छमाही से करीब 10 प्रतिशत अधिक है।
इस वृद्धि में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) सबसे बड़ा योगदानकर्ता बने हुए हैं। उन्होंने तिमाही में ऑफिस लीजिंग का 42 प्रतिशत हिस्सा हासिल किया और रिकॉर्ड 1.03 करोड़ वर्ग फुट की मांग दर्ज की। वहीं, फ्लेक्स ऑपरेटरों की हिस्सेदारी 27 प्रतिशत रही।
--आईएएनएस
एबीएस
