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गुजरात: आनंद में एसीबी का बड़ा एक्शन, पुलिस अधिकारी रिश्वत लेते पकड़ा गया

आनंद, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुजरात के आनंद जिले के अंकलाव पुलिस स्टेशन में तैनात पुलिस निरीक्षक को भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) ने 22 अक्टूबर को एक फैक्ट्री मालिक से प्रदूषण के आरोप में फैक्ट्री बंद कराने की धमकी देकर 40,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।
 

आनंद, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुजरात के आनंद जिले के अंकलाव पुलिस स्टेशन में तैनात पुलिस निरीक्षक को भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) ने 22 अक्टूबर को एक फैक्ट्री मालिक से प्रदूषण के आरोप में फैक्ट्री बंद कराने की धमकी देकर 40,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।

आरोपी, द्वितीय श्रेणी के पुलिस निरीक्षक राजदीपसिंह वानर ने शिकायतकर्ता से 1.5 टन का एयर कंडीशनर (एसी) मांगा था। जब शिकायतकर्ता ने इसे देने से इनकार कर दिया, तो निरीक्षक ने इसके बदले 40,000 रुपये की मांग की।

एसीबी की शिकायत के अनुसार, निरीक्षक ने शिकायतकर्ता को पुलिस स्टेशन बुलाया और प्रदूषण फैलाने का आरोप लगाते हुए उसकी फैक्ट्री बंद कराने की धमकी दी। अधिकारियों ने बताया, “इस बातचीत के दौरान इंस्पेक्टर ने एयर कंडीशनर की मांग की और बाद में शिकायतकर्ता से 40,000 रुपए मांगे।”

रिश्वत देने से इनकार करते हुए शिकायतकर्ता आनंद एसीबी पुलिस स्टेशन पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता की पहचान एसीबी ने एक 'सतर्क नागरिक' के रूप में की है। ब्यूरो ने शिकायत के आधार पर एक जाल बिछाया। 22 अक्टूबर को हुई कार्रवाई के दौरान आरोपी ने तौर पर शिकायतकर्ता से अंकलाव पुलिस स्टेशन स्थित उसके चैंबर में बातचीत की और उससे 40,000 रुपए ले लिए।

शिकायत के विवरण के मुताबिक, एसीबी टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया और रिश्वत की पूरी राशि 40,000 रुपए बरामद कर ली गई।

यह मामला एक लोक सेवक द्वारा कारखाने के खिलाफ कार्रवाई की धमकी देकर अनुचित लाभ प्राप्त करने के लिए अपने आधिकारिक पद के दुरुपयोग से संबंधित है। एसीबी के बयान के मुताबिक, निरीक्षक का आचरण आपराधिक कदाचार की श्रेणी में आता है।

आनंद एसीबी पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक आर एन विरानी और उनकी टीम ने इस जाल को बिछाया था। एसीबी की यह कार्रवाई उस नागरिक की शिकायत के बाद की गई, जिसने मांग को मानने से इनकार कर दिया था। ब्यूरो अक्सर रिश्वत मांगने वाले अधिकारियों के खिलाफ इस तरह के जाल बिछाता है।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी