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एमएलए के भत्ते बढ़ाने के फैसले पर डीएमके ने कहा- जनता को गुमराह कर रही तमिलनाडु सरकार

चेन्नई, 20 अगस्त (आईएएनएस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय द्वारा सभी विधायकों को सरकारी खर्च पर गाड़ी और अन्य सुविधाएं देने की घोषणा के बाद डीएमके ने मौजूदा सरकार पर निशाना साधा है। डीएमके प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने गुरुवार को कहा कि सरकार राज्य की जनता को गुमराह कर रही है।
 

चेन्नई, 20 अगस्त (आईएएनएस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय द्वारा सभी विधायकों को सरकारी खर्च पर गाड़ी और अन्य सुविधाएं देने की घोषणा के बाद डीएमके ने मौजूदा सरकार पर निशाना साधा है। डीएमके प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने गुरुवार को कहा कि सरकार राज्य की जनता को गुमराह कर रही है।

तमिलनाडु सरकार ने ऐलान किया है कि विधायकों को हर महीने 75,000 रुपए का भत्ता मिलेगा। इसमें गाड़ी का ईंधन और ड्राइवर का खर्च शामिल होगा। इसके अलावा क्षेत्र का काम देखने के लिए निजी सहायक रखने के लिए हर महीने 25,000 रुपए अलग से दिए जाएंगे।

आईएएनएस से बातचीत में टीकेएस एलंगोवन ने सवाल किया कि इस योजना के लिए पैसा कहां से आएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार वही वादे कर रही है जिनके लिए वह पहले डीएमके सरकार की आलोचना करती थी।

उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता पैसा कहां से आ रहा है। ये एमएलए को गाड़ी दे रहे हैं और गाड़ी के खर्च के लिए पैसे भी दे रहे हैं। अब ये सब चीजें बढ़ा रहे हैं, लेकिन कहते हैं कि डीएमके सरकार नाकाम रही। उन्होंने इतना कर्ज लिया और खजाना खाली छोड़ दिया। ये जो कहते हैं और जो करते हैं, उसमें फर्क है। ये तमिलनाडु के लोगों को धोखा दे रहे हैं।"

टीकेएस एलंगोवन ने राज्य सरकार द्वारा छात्रों और युवाओं के विरोध प्रदर्शन पर रोक लगाने वाले निर्देश वापस लेने के फैसले पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने यह कदम केंद्र के इशारे पर उठाया होगा।

एलंगोवन ने कहा, "शायद दिल्ली ने उन्हें निर्देश दिया। वह दिल्ली के गुलाम हैं। दिल्ली ने उन्हें कहा होगा कि इसकी इजाजत मत दो, क्योंकि उन्होंने दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी को लड़ने नहीं दिया। वही काम वे तमिलनाडु में करना चाहते हैं।"

कर्नाटक की मेकेदातु बांध परियोजना के लिए करीब 9 लाख पेड़ काटने की योजना पर डीएमके नेता ने कहा कि यह मामला कानूनी और ट्रिब्यूनल प्रक्रिया से ही सुलझेगा।

उन्होंने कहा, "यह ट्रिब्यूनल को तय करना है। हमने ट्रिब्यूनल का दरवाजा खटखटाया है। आदेश दिए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रिब्यूनल को निर्देश दिया है। उन्हें पानी छोड़ना होगा। मेकेडाटू के लिए भी उन्हें अनुमति लेनी होगी। तमिलनाडु सरकार की सहमति के बिना वे निर्माण नहीं कर सकते। देखते हैं क्या होता है।"

केंद्र सरकार के प्रस्तावित 'एक दिन, एक विश्वविद्यालय' कार्यक्रम पर एलंगोवन ने चिंता जताई। उन्होंने कहा, "वे युवाओं के लिए कुछ खतरनाक योजना बना रहे हैं।"

उन्होंने एनसीईआरटी की नई राजनीति विज्ञान की किताब तैयार करने वाली समिति में आरएसएस से जुड़े लोगों को शामिल करने की खबर की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस और भाजपा सब कुछ बदलना चाहती है। वे वैज्ञानिक कुछ नहीं चाहते।

वंदे मातरम को लकेकर चल रहे विवाद पर एलंगोवन ने कहा कि यह मामला आजादी के समय ही सुलझ गया था। आजादी के समय तय हुआ था कि जो नेता आजादी की लड़ाई लड़े और देश को आजाद कराया, वे सिर्फ दो पैरा गाएंगे, लेकिन अब जो अंग्रेजों का साथ दे रहे थे, वे उन पर आरोप लगा रहे हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा तमिलनाडु में दक्षिण क्षेत्रीय परिषद की बैठक की अध्यक्षता करने पर उन्होंने इसे नियमित प्रक्रिया बताया और कहा कि यह रूटीन बात है। देखते हैं बैठक के बाद क्या होता है। अगर तमिलनाडु के लिए कुछ अच्छा होता है तो हम उसका स्वागत करेंगे।

--आईएएनएस

वीकेयू/वीसी