पश्चिम बंगाल में भी लागू कर दिया गया है महाराष्ट्र का वॉशिंग मशीन मॉडल: शिवसेना (यूबीटी)
मुंबई, 10 जून (आईएएनएस)। शिवसेना (यूबीटी) ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 साल पूरे होने को ऐसा दौर बताया है, जिसमें लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के बजाय 'दलबदलुओं और गद्दारों' को बागी के तौर पर पेश किया जा रहा है।
शिवसेना (यूबीटी) ने अपने मुखपत्र 'सामना' में संपादकीय के जरिए आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष, चुनाव आयोग और यहां तक कि न्यायपालिका जैसी संवैधानिक संस्थाओं का उपयोग राजनीतिक दल-बदल को आसान बनाने के लिए किया जा रहा है।
संपादकीय में कहा गया कि महाराष्ट्र जैसी स्थिति पश्चिम बंगाल में भी देखने को मिल रही है, जहां हाल ही के विधानसभा चुनावों के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक बड़े हिस्से के विधायक भाजपा के साथ जुड़ गए हैं। इसमें आरोप लगाया गया कि यह वही राजनीतिक पैटर्न है, बस किरदार बदल गए हैं।
संपादकीय में कहा गया कि महाराष्ट्र का वॉशिंग मशीन मॉडल अब पश्चिम बंगाल में भी लागू कर दिया गया है, जहां टीएमसी के भ्रष्ट नेताओं को इसमें डाला जा रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा नेताओं ने टीएमसी सरकार को भ्रष्ट और अवैध प्रवासियों का समर्थक बताया था, लेकिन चुनाव के बाद वही नेता भाजपा में शामिल हो रहे हैं।
शिवसेना (यूबीटी) ने कहा कि टीएमसी नेताओं को तोड़ने के लिए धमकी, धन और जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
संपादकीय में यह भी कहा गया कि भाजपा की राजनीति केवल सत्ता हासिल करने पर केंद्रित है और भ्रष्टाचार के आरोपियों के भाजपा में शामिल होते ही उनके खिलाफ जांच धीमी पड़ जाती है।
पार्टी ने कहा कि अवसरवादी नेताओं के पार्टी छोड़ने से देश को नए और ईमानदार नेतृत्व के लिए अवसर मिलेगा।
अंत में कहा गया कि देश एक बार फिर नए आत्मसम्मान और देशभक्ति की भावना के साथ आगे बढ़ेगा।
--आईएएनएस
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