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ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर एकजुट हुए ठाकरे बंधु, शिवाजी पार्क में शक्ति प्रदर्शन

मुंबई, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने सोमवार को लगातार दूसरे दिन शिवाजी पार्क में जोरदार प्रदर्शन किया।
 

मुंबई, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने सोमवार को लगातार दूसरे दिन शिवाजी पार्क में जोरदार प्रदर्शन किया।

दोनों दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग को लेकर संयुक्त अभियान चलाया। उनका आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं और मतदाता सूचियों से मनमाने ढंग से नाम हटाए गए हैं।

एक ओर शिवसेना (यूबीटी) नेताओं ने पिछले दिन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में मौन प्रदर्शन किया, वहीं मनसे ने बड़े पैमाने पर हस्ताक्षर अभियान चलाकर लोगों का समर्थन जुटाने की कोशिश की। शाम के समय मीनाताई ठाकरे की प्रतिमा के आसपास का क्षेत्र राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बना रहा।

शिवसेना (यूबीटी) के कार्यकर्ता और युवा नेता काले रंग की पट्टियां मुंह पर बांधकर और तिरंगा हाथ में लेकर प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। इसे हालिया पुलिस कार्रवाई के खिलाफ शांत लेकिन मजबूत विरोध माना गया। वहीं मनसे ने दादर स्टेशन और शिवाजी पार्क के पास अपने राज्यव्यापी हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की।

मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने सबसे पहले हस्ताक्षर कर इस अभियान का शुभारंभ किया। इसके बाद उनकी पत्नी शर्मिला ठाकरे, बेटी उर्वशी ठाकरे और बेटे अमित ठाकरे ने भी हस्ताक्षर किए।

प्रदर्शन के दौरान शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे और मनसे के युवा नेता अमित ठाकरे एक साथ नजर आए, जिससे इस मुद्दे पर दोनों दलों की एकजुटता का संदेश गया।

आदित्य ठाकरे ने चुनाव आयोग और सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, "हम लोकतंत्र की रक्षा के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लड़ रहे हैं। मौजूदा सरकार उन्हें बचाने की कोशिश कर रही है, क्योंकि यह सरकार भी वोट चोरी और चुनावी हेरफेर के जरिए बनी है। यह देश के नागरिकों की लड़ाई है और न्याय मिलने तक यह आंदोलन जारी रहेगा।"

प्रदर्शन में दोनों दलों के कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। शिवसेना (यूबीटी) की ओर से आदित्य ठाकरे, तेजस ठाकरे, विधान परिषद सदस्य अनिल परब, महेश सावंत, विलास पोटनिस और नितिन देशमुख मौजूद रहे। वहीं मनसे की ओर से राज ठाकरे, शर्मिला ठाकरे, अमित ठाकरे, उर्वशी ठाकरे और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

यह संयुक्त आंदोलन रविवार को शिवाजी पार्क में हुए प्रदर्शन के बाद और मजबूत हुआ है। उस दिन पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था।

रविवार को गिरफ्तारी के दौरान ठाकरे परिवार के दोनों चचेरे भाइयों की सक्रियता ने आंदोलन को और गति दी, जिसका असर सोमवार के प्रदर्शनों में भी साफ दिखाई दिया।

इस बीच मनसे ने रेलवे स्टेशनों और राज्य के अन्य प्रमुख स्थानों पर अपने हस्ताक्षर अभियान का विस्तार शुरू कर दिया है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि मतदाता सूची की पारदर्शिता और चुनाव आयोग की जवाबदेही को लेकर महाराष्ट्र में विपक्षी दलों का आंदोलन आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है।

--आईएएनएस

एएमटी/वीसी