जम्मू-कश्मीर के बडगाम में ढेर आतंकी की पहचान एलईटी दहशतगर्द के तौर पर हुई
श्रीनगर, 5 सितंबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में शुक्रवार को संयुक्त बलों के 'ऑपरेशन अशदार' में मारे गए आतंकवादी की पहचान पाकिस्तानी नागरिक और लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के सदस्य के तौर पर की गई है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शनिवार को बताया कि बडगाम में 'ऑपरेशन अशदार' के दौरान मारे गए आतंकवादी की पहचान पाकिस्तान के रहने वाले यासिर के तौर पर हुई है।
सुरक्षा बलों के ऑपरेशन में मारे गए आतंकवादी की पहचान की पुष्टि करते हुए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "आप भाग तो सकते हैं, लेकिन छिप नहीं सकते।"
यह पहचान उस घटना के एक दिन बाद हुई है, जब सुरक्षा बलों ने बडगाम के अशदार गली इलाके में एक जॉइंट ऑपरेशन के दौरान एक आतंकवादी को मार गिराया था। अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान मारे गए आतंकवादी के पास से एके-सीरीज की राइफल और युद्ध में इस्तेमाल होने वाला अन्य सामान भी बरामद किया गया।
यह ऑपरेशन गुरुवार को तब शुरू हुआ जब पैरा-कमांडो की एक पेट्रोलिंग टीम की आतंकवादियों के साथ गोलीबारी हुई। उन्हें वहां आतंकवादियों के एक ग्रुप की मौजूदगी के बारे में खास खुफिया जानकारी मिली थी।
राष्ट्रीय राइफल्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान भी इस ऑपरेशन में शामिल हुए और यह पक्का किया कि घने जंगल वाले इलाके में अंधेरा होने के बावजूद छिपा हुआ आतंकवादी भाग न पाए।
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद शुरू होने के बाद से पिछले 36 से ज्यादा वर्षों में बडगाम जिले में कई एनकाउंटर हुए हैं।
सबसे लंबा ऑपरेशन 1995 में भारतीय सेना ने चलाया था, जब पाकिस्तान का आतंकवादी कमांडर मस्त गुल आतंकवादियों के एक ग्रुप के साथ चरार-ए-शरीफ शहर में घुस गया था और उसने शेख नूरुद्दीन वली की सबसे पवित्र सूफी दरगाह को घेर लिया था।
आम नागरिकों की मौत और सूफी दरगाह को नुकसान से बचाने के लिए भारतीय सेना ने शहर पर हमला नहीं किया। यह गतिरोध 66 दिनों तक चला, जब मस्त गुल ने दरगाह में आग लगा दी, जो तेजी से घनी आबादी वाले शहर में फैल गई।
सेना ने तुरंत जम्मू-कश्मीर पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स और सिविल एडमिनिस्ट्रेशन के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। मस्त गुल शहर से भागने में कामयाब रहा और पाकिस्तान चला गया। चरार-ए-शरीफ ऑपरेशन में कुल 20 आतंकवादी और चार आम नागरिक मारे गए थे। जबकि, सेना के दो जवान शहीद हुए थे।
--आईएएनएस
डीके/एबीएम
