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तेलंगाना के स्पीकर ने दो और बीआरएस विधायकों को अयोग्य घोषित करने वाली याचिकाओं को किया खारिज

हैदराबाद, 15 जनवरी (आईएएनएस)। तेलंगाना विधानसभा अध्यक्ष गद्दाम प्रसाद कुमार ने गुरुवार को दो बीआरएस विधायकों को अयोग्य घोषित करने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया। इन विधायकों पर आरोप है कि ये सत्तारूढ़ कांग्रेस में शामिल हो गए।
 
तेलंगाना के स्पीकर ने दो और बीआरएस विधायकों को अयोग्य घोषित करने वाली याचिकाओं को किया खारिज

हैदराबाद, 15 जनवरी (आईएएनएस)। तेलंगाना विधानसभा अध्यक्ष गद्दाम प्रसाद कुमार ने गुरुवार को दो बीआरएस विधायकों को अयोग्य घोषित करने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया। इन विधायकों पर आरोप है कि ये सत्तारूढ़ कांग्रेस में शामिल हो गए।

पोचारम श्रीनिवास रेड्डी और काले यदैया की अयोग्यता संबंधी याचिकाओं पर आदेश सुनाते हुए उन्होंने कहा कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि वे कांग्रेस में शामिल हो गए हैं।

अध्यक्ष ने फैसला सुनाया कि दलबदल विरोधी कानून दोनों विधायकों पर लागू नहीं होता है और वे तकनीकी रूप से अभी भी भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) में हैं।

इसके साथ ही, अध्यक्ष ने बीआरएस के 10 विधायकों में से सात को अयोग्य घोषित करने की याचिकाओं को खारिज कर दिया है, जिन पर कांग्रेस में शामिल होने का आरोप है।

पिछले महीने, अध्यक्ष गद्दाम प्रसाद कुमार ने पांच विधायकों तेल्लम वेंकट राव, बंदला कृष्ण मोहन रेड्डी, टी. प्रकाश गौड़, गुडेम महिपाल रेड्डी और अरेकापुडी गांधी की अयोग्यता के लिए दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया था।

अध्यक्ष ने अभी तक संजय कुमार को अयोग्य घोषित करने की याचिका पर आदेश नहीं सुनाया है।

उन्होंने आठ विधायकों की अयोग्यता संबंधी याचिकाओं पर सुनवाई पूरी कर ली थी और आदेश सुरक्षित रख लिया था।

दो अन्य विधायकों, दानम नागेंद्र और कडियाम श्रीहरि, की अयोग्यता पर सुनवाई उनके द्वारा उन्हें जारी किए गए नोटिसों का जवाब प्रस्तुत करने के बाद होने की संभावना है।

उन्होंने नवंबर में अध्यक्ष द्वारा भेजे गए नोटिस का जवाब देने के लिए और समय मांगा था।

बीआरएस ने उन 10 विधायकों को अयोग्य घोषित करने के लिए याचिकाएं दायर की थीं, जो 2023 के चुनावों में उसके टिकट पर विधानसभा के लिए चुने गए थे, लेकिन 2024 में कांग्रेस के प्रति निष्ठा बदल ली थी।

जहां एक ओर बीआरएस ने शिकायत की कि ये विधायक खुलेआम कांग्रेस में शामिल हो गए और यहां तक कि विधानसभा में सत्ता पक्ष की बेंचों पर भी बैठे, वहीं विधायकों ने सत्तारूढ़ पार्टी में शामिल होने से इनकार किया।

उन्होंने दावा किया कि वे मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से केवल अपने निर्वाचन क्षेत्रों के विकास के लिए धन की मांग करने के लिए मिले थे।

--आईएएनएस

एएसएच/एबीएम