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मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने तेलंगाना विधान परिषद के नवनिर्मित भवन का किया उद्घाटन

हैदराबाद, 8 मार्च (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने रविवार को विधानसभा परिसर में नवीनीकृत तेलंगाना विधान परिषद भवन का उद्घाटन किया। यह वही पुराना विधानसभा भवन है, जहां पहले तत्कालीन हैदराबाद राज्य के समय विधायी कामकाज किया जाता था। अब इस भवन को तेलंगाना विधानपरिषद के रूप में उपयोग किया जाएगा।
 
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने तेलंगाना विधान परिषद के नवनिर्मित भवन का किया उद्घाटन

हैदराबाद, 8 मार्च (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने रविवार को विधानसभा परिसर में नवीनीकृत तेलंगाना विधान परिषद भवन का उद्घाटन किया। यह वही पुराना विधानसभा भवन है, जहां पहले तत्कालीन हैदराबाद राज्य के समय विधायी कामकाज किया जाता था। अब इस भवन को तेलंगाना विधानपरिषद के रूप में उपयोग किया जाएगा।

वहीं, शनिवार को आधिकारिक तौर पर यह घोषणा की गई कि तेलंगाना विधान परिषद अपनी बैठकें विधानमंडल परिसर के भीतर स्थित नवनिर्मित परिषद कक्ष में आयोजित करना शुरू करेगी।

तेलंगाना राजपत्र के अनुसार, मौजूदा विधान परिषद कक्ष और उससे जुड़े कार्यालय नवीनीकृत विधान परिषद भवन में स्थानांतरित कर दिए जाएंगे। विधान परिषद के सभी भावी सत्र और नियमित कामकाज नए परिषद भवन में आयोजित किए जाएंगे। विधान परिषद का बजट सत्र नवीनीकृत भवन में आयोजित किया जाएगा।

विधान परिषद 2018 से विधानसभा परिसर से सटे भव्य जुबली हॉल परिसर के भीतर स्थित काउंसिल हॉल से अपनी कार्यवाही संचालित कर रही है।

2014 में विभाजन के बाद आंध्र प्रदेश को विधान परिषद के लिए काउंसिल हॉल दिया गया था। आंध्र प्रदेश द्वारा अपनी राजधानी अमरावती स्थानांतरित करने के बाद, उसने काउंसिल हॉल को तेलंगाना को सौंप दिया।

विधानसभा परिसर के भीतर स्थित पुराना विधानसभा भवन, जिसका उपयोग 2014 से आंध्र प्रदेश विधानसभा के रूप में किया जा रहा था, अब तेलंगाना विधान परिषद के लिए नवीनीकृत किया गया है।

रेवंत रेड्डी सरकार ने इस ऐतिहासिक इमारत के जीर्णोद्धार का कार्य अपने हाथ में लिया क्योंकि वे विधानसभा और विधान परिषद दोनों को एक ही एकीकृत परिसर में रखना चाहते थे।

जीर्णोद्धार कार्य में 18 महीने लगे और राज्य सरकार ने पुरानी विधानसभा भवन के जीर्णोद्धार के लिए परियोजना पर 30 करोड़ रुपए खर्च किए, जो इंडो-सारासेनिक वास्तुकला का एक उदाहरण है जहां कभी निजाम काल के दौरान विधायी कामकाज होता था जब हैदराबाद एक रियासत थी।

1956 में आंध्र प्रदेश के गठन के बाद, यह विधानसभा भवन के रूप में कार्य करने लगा। हालांकि, 1985 में नए विधान सभा भवन के उद्घाटन के बाद से इसका उपयोग बंद हो गया था।

जून 2014 में आंध्र प्रदेश के विभाजन के बाद, यह इमारत आंध्र प्रदेश विधानसभा को आवंटित की गई थी। आंध्र प्रदेश विधानसभा के अमरावती में स्थानांतरित होने के बाद, यह ऐतिहासिक इमारत अनुपयोगी हो गई और धीरे-धीरे जर्जर अवस्था में पहुंच गई।

2023 में कांग्रेस पार्टी के सत्ता में आने के बाद, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने विधान परिषद के लिए इस ऐतिहासिक इमारत का जीर्णोद्धार करने का निर्णय लिया।

जीर्णोद्धार कार्य राज्य सरकार द्वारा आगा खान ट्रस्ट फॉर कल्चर (एकेटीसी) के सहयोग से किया गया था। इसमें उन्नत जल निकासी व्यवस्था, प्रीमियम फर्श, अद्यतन विद्युत प्रणाली और मुख्यमंत्री, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिवालय कर्मचारियों के लिए अलग-अलग कक्ष तथा एक मीडिया हॉल शामिल थे।

सरकार ने आधिकारिक कार्यक्रमों के लिए मौजूदा जुबली हॉल का उपयोग करने की योजना बनाई है। इसके अलावा, दोनों सदनों के संयुक्त सत्रों के लिए एक नया केंद्रीय हॉल बनाने की भी योजना है।

--आईएएनएस

एसएके/एएस