तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री ने अपने खिलाफ लगे आरोपों के बाद सिंगरेनी से टेंडर रद्द करने का दिया निर्देश
हैदराबाद, 18 जनवरी (आईएएनएस)। तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने रविवार को कहा कि उन्होंने सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (एससीसीएल) को नैनी कोयला ब्लॉक के लिए जारी खनन टेंडर रद्द करने का निर्देश दिया है।
यह फैसला उनके टेंडर प्रक्रिया में शामिल होने और टेंडर को प्रभावित करने के आरोपों के बाद लिया गया है।
उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि उन्होंने कंपनी को केंद्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों के नियमों के अनुसार नए सिरे से टेंडर जारी करने को कहा है। उन्होंने कहा कि कंपनी प्रबंधन ने उन्हें बताया कि जब किसी ने टेंडर में हिस्सा ही नहीं लिया, तो उन्हें कैसे दोषी ठहराया जा सकता है।
उन्होंने आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह गढ़ी हुई कहानियों से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह राजनीति में संपत्ति बनाने या व्यापार बढ़ाने के लिए नहीं आए हैं, बल्कि राज्य की संपत्ति, सम्मान की रक्षा करने और उसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए आए हैं।
ऊर्जा और वित्त विभाग संभाल रहे उपमुख्यमंत्री ने एक तेलुगु टीवी चैनल और एक अखबार की रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि लोगों को गुमराह करने के लिए एक झूठी कहानी प्रकाशित की गई है। उन्होंने उन खबरों पर भी नाराजगी जताई, जिनमें दावा किया गया था कि उन्होंने नैनी कोयला ब्लॉक का ठेका कुछ कंपनियों को दिलाने में भूमिका निभाई।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि वह राजनीति में समाज के सभी वर्गों तक संपत्ति और संसाधन पहुंचाने के उद्देश्य से आए हैं। उन्होंने इन खबरों के पीछे राजनीतिक साजिश होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के प्रति अपनी नाराजगी के कारण निशाना बना रहे हैं, क्योंकि वह दिवंगत नेता के मित्र थे।
उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सिंगरेनी में टेंडर के नियम कंपनी तय करती है, मंत्री नहीं। उन्होंने कहा, "लोगों को यह बुनियादी बात भी नहीं पता, फिर भी उन्होंने झूठी कहानियां गढ़कर मेरे खिलाफ खबरें लिखीं ताकि तेलंगाना के लोगों को गुमराह किया जा सके।"
विक्रमार्क ने कहा कि किसी को भी इस तरह की खबरें चलाकर किसी के चरित्र पर हमला करने का अधिकार नहीं है। ऐसी खबरें नेताओं के बीच मतभेद पैदा करने के लिए चलाई जा रही हैं।
सिंगरेनी, जो राज्य और केंद्र सरकार की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है, ने पिछले साल अप्रैल में ओडिशा के नैनी कोयला ब्लॉक में उत्पादन शुरू किया था। यह खदान उसे करीब एक दशक पहले कोयला मंत्रालय ने आवंटित किया था।
उपमुख्यमंत्री ने नैनी कोयला ब्लॉक में कोयला उत्पादन का शुभारंभ किया था। यह सिंगरेनी के 130 वर्षों के इतिहास में पहली बार था कि उसने तेलंगाना के बाहर किसी खदान में उत्पादन शुरू किया।
--आईएएनएस
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