Aapka Rajasthan

तेलंगाना: सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हैदराबाद में कांग्रेस का प्रदर्शन

हैदराबाद, 28 सितंबर (आईएएनएस)। तेलंगाना में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने सोमवार को हैदराबाद में बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने चुनाव आयोग की ओर से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग की।
 

हैदराबाद, 28 सितंबर (आईएएनएस)। तेलंगाना में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने सोमवार को हैदराबाद में बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने चुनाव आयोग की ओर से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग की।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की ओर से देशभर में विरोध-प्रदर्शन के आह्वान के बाद तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (टीपीसीसी) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय तक रैली निकाली।

प्रदर्शन में उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क, टीपीसीसी अध्यक्ष महेश कुमार गौड़, मंत्री पोन्नम प्रभाकर और श्रीधर बाबू, सांसद चमाला किरण कुमार रेड्डी और अनिल कुमार यादव समेत कई नेता शामिल हुए।

इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी सुदर्शन रेड्डी से मुलाकात की और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से तत्काल पद से इस्तीफा देने की मांग की गई।

प्रदर्शनकारी नेकलेस रोड स्थित इंदिरा गांधी की प्रतिमा के पास जमा हुए और मुख्य चुनाव आयुक्त तथा केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में 'वोट चोरी' और 'डेमोक्रेसी के दुश्मन' जैसे नारे लिखी तख्तियां थीं।

वहां से प्रदर्शनकारी सचिवालय के पास बीआरके भवन स्थित मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय की ओर बढ़े। प्रदर्शन के दौरान चुनाव आयोग का पुतला भी जलाया गया।

भारतीय संविधान की प्रति हाथ में लिए उपमुख्यमंत्री विक्रमार्क ने सभी लोकतांत्रिक ताकतों से कांग्रेस की इस लड़ाई में शामिल होने की अपील की।

उन्होंने दावा किया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पिछले कई वर्षों से देश में व्यवस्थित तरीके से नागरिकों के मतदान के अधिकार को प्रभावित करने और कथित "वोट चोरी" को लेकर चेतावनी देते रहे हैं और अब उनकी बात सही साबित हुई है।

विक्रमार्क ने दावा किया कि दो अन्य चुनाव आयुक्तों ने भी एसआईआर के नाम पर नागरिकों के वोट हटाए जाने की बात स्वीकार की है। उन्होंने इसे देश के लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी शुरू से ही संविधान और नागरिकों के मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सबसे अहम ताकत मतदान का अधिकार है और अगर उसी अधिकार को नुकसान पहुंचाया जाता है तो देश में लोकतंत्र की स्थिति पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

विक्रमार्क ने लोकतंत्र और संविधान में विश्वास रखने वाले सभी राजनीतिक दलों से अपने मतभेदों को अलग रखकर कांग्रेस के साथ आने की अपील की।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का भारतीय लोकतंत्र और नागरिकों के अधिकारों में पूरा विश्वास है और जब तक हर नागरिक का मतदान का अधिकार सुरक्षित नहीं हो जाता, पार्टी की लड़ाई जारी रहेगी।

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए टीपीसीसी अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ ने आरोप लगाया कि एक स्वायत्त संस्था के रूप में काम करने वाला भारत निर्वाचन आयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हाथों का औजार बन गया है।

उन्होंने कहा कि आजादी के बाद ऐसी स्थिति पहले कभी नहीं देखी गई।

पूर्व मंत्री दानम नागेंद्र ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों से जुड़े मामले का सुप्रीम कोर्ट से स्वत: संज्ञान लेने की मांग की।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी