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तेलंगाना कांग्रेस ने विपक्ष के नेता के तौर पर केसीआर के इस्तीफे की मांग की

हैदराबाद, 4 सितंबर (आईएएनएस)। हैदराबाद में शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) से विपक्ष के नेता के पद से इस्तीफा देने की मांग की, क्योंकि वे लंबे समय से तेलंगाना राज्य विधानसभा में नहीं आ रहे हैं।
 

हैदराबाद, 4 सितंबर (आईएएनएस)। हैदराबाद में शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) से विपक्ष के नेता के पद से इस्तीफा देने की मांग की, क्योंकि वे लंबे समय से तेलंगाना राज्य विधानसभा में नहीं आ रहे हैं।

खैरताबाद जिला कांग्रेस कमेटी ने पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) के तुरंत इस्तीफे की मांग को लेकर एक विरोध रैली निकाली।

यह रैली गांधी भवन से गन पार्क तक निकाली गई, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने जवाबदेही और उनके इस्तीफे की मांग की।

प्रदर्शनकारियों के पास एक बड़ा पोस्टर था जिसमें केसीआर को 'कुंभकर्ण' के रूप में दिखाया गया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि केसीआर ने विधानसभा में न आकर और अपने फार्महाउस पर रहकर 1.32 करोड़ रुपए की सैलरी ली है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी सुरक्षा और बुलेटप्रूफ गाड़ियों पर सरकारी खजाने से 21 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं।

कांग्रेस नेताओं ने नारा लगाया, 'फार्महाउस में 1000 दिन — फिर भी पद पर क्यों?'

खैरताबाद डीसीसी अध्यक्ष, मोथा रोहित, ने कहा कि कांग्रेस सरकार के एक हजार दिन पूरे हो गए हैं, लेकिन विपक्ष के नेता केसीआर तेलंगाना में कहीं दिखाई नहीं दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भले ही तेलंगाना की जनता ने उन्हें विपक्ष के नेता का जिम्मेदार पद दिया है, लेकिन वे 1,000 दिनों से अपनी जिम्मेदारियों से दूर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि केसीआर अपने फार्महाउस में सो रहे हैं और मांग की कि वे बाहर आएं और अपनी जिम्मेदारियां निभाने के लिए विधानसभा सत्र में शामिल हों।

कांग्रेस नेता इंदिरा शोभन ने मांग की कि केसीआर विपक्ष के नेता का पद किसी दलित नेता को सौंप दें। उन्होंने कहा कि तेलंगाना राज्य बनने और केसीआर के मुख्यमंत्री बनने से पहले, उन्होंने वादा किया था कि वे किसी दलित को मुख्यमंत्री बनाएंगे। लेकिन इन 10 सालों में कोई दलित सीएम नहीं बना और केसीआर खुद उस पद पर रहे। अब, विपक्ष के नेता का यह पद किसी दलित विधायक को सौंप दें। ऐसा करने के बाद हमसे सवाल पूछें, और हम सुनेंगे। वरना, आपको बोलने का कोई अधिकार नहीं है।

उन्होंने कहा कि इन 1,000 दिनों में, आपने तेलंगाना के लोगों की मेहनत की कमाई से 1,20,40,000 रुपए सैलरी के तौर पर लिए। अपने निजी खर्चों, अपनी शान-ओ-शौकत और ऐशो-आराम—चार कारें, 57 कर्मचारी, और नंदीनगर स्थित घर और फार्महाउस के बीच आने-जाने के लिए आपने जनता के 24 करोड़ रुपए खर्च किए। कुल मिलाकर, आपने तेलंगाना के लोगों का पैसा बर्बाद किया। इसीलिए आपको माफी मांगनी चाहिए; वरना, तेलंगाना की जनता निश्चित रूप से आपको माकूल जवाब देगी।"

इंद्रा शोभन ने कहा कि केटी रामा राव (केटीआर) को अपने पिता से कहना चाहिए कि जब आप विपक्ष के नेता के पद पर हों, तो आपको लोगों के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आप बीसी बिल पर चर्चा के लिए विधानसभा नहीं आए, न ही एससी कैटेगराइजेशन, किसानों के मुद्दों, बिजली की समस्याओं या बजट सत्र के दौरान ही आए।"

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि पिछले 1,000 दिनों में केसीआर सिर्फ तीन दिन विधानसभा में शामिल हुए।

--आईएएनएस

एमएस/