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तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने 'तुम्मदिहट्टी बांध' पर महाराष्ट्र से बातचीत शुरू की

हैदराबाद, 27 मई (आईएएनएस)। तेलंगाना सरकार ने गोदावरी नदी पर बने 'तुम्मदिहट्टी बांध' की ऊंचाई और निर्माण को अंतिम रूप देने के लिए महाराष्ट्र के साथ बातचीत शुरू कर दी है।
 
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने 'तुम्मदिहट्टी बांध' पर महाराष्ट्र से बातचीत शुरू की

हैदराबाद, 27 मई (आईएएनएस)। तेलंगाना सरकार ने गोदावरी नदी पर बने 'तुम्मदिहट्टी बांध' की ऊंचाई और निर्माण को अंतिम रूप देने के लिए महाराष्ट्र के साथ बातचीत शुरू कर दी है।

मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने अपने महाराष्ट्र समकक्ष, देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर तेलंगाना सरकार के उनके नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत के लिए एक कार्यक्रम तय करने का अनुरोध किया है।

बीआर अंबेडकर प्राणहिता-चेवेल्ला सुजला स्रावंती परियोजना के तहत राज्य सरकार ने तुम्मदिहट्टी में एक बांध के निर्माण का प्रस्ताव रखा है।

शुरुआत में, बांध को 152 मीटर की ऊंचाई पर बनाने का इरादा था।

23 अगस्त, 2016 को हुई अंतर-राज्यीय बोर्ड की बैठक में महाराष्ट्र सरकार तुम्मदिहट्टी में बांध को 148 मीटर की ऊंचाई पर बनाने के लिए सहमत हुई।

महाराष्ट्र सरकार ने आवश्यक मंजूरी प्राप्त करने में सहयोग का आश्वासन भी दिया।

प्राणहिता-चेवेल्ला परियोजना को शीघ्र पूरा करने के निर्णय के बाद तेलंगाना की वर्तमान सरकार ने हाल ही में शीर्ष अधिकारियों और सिंचाई विशेषज्ञों के साथ कई बैठकें करके इस मुद्दे की समीक्षा की।

विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर, सरकार इस निष्कर्ष पर पहुंची कि 148 मीटर का पूर्ण जलाशय स्तर (एफआरएल) उत्तरी तेलंगाना की जल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अपर्याप्त होगा।

इसके परिणामस्वरूप, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में उल्लेख किया कि आदिलाबाद, निजामाबाद, करीमनगर और मेडक जिलों की सिंचाई और पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तुम्मदिहट्टी बांध की ऊंचाई पर नए सिरे से चर्चा करना महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने आगे स्पष्ट किया कि एफआरएल को 148 मीटर से थोड़ा अधिक करने पर भी महाराष्ट्र में जलमग्नता का प्रभाव न्यूनतम रहेगा।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि एफआरएल बढ़ाने पर गुरुत्वाकर्षण के माध्यम से तेलंगाना में पानी लाना आसान होगा।

पिछले साल कांग्रेस सरकार ने पूर्व आदिलाबाद जिले में गोदावरी नदी पर स्थित प्राणहिता-चेवेल्ला परियोजना को पुनर्जीवित करने का निर्णय लिया था।

--आईएएनएस

एमएस/