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हैदराबाद मेट्रो फेज-1 का मूल्यांकन जल्द एसबीआई कैप्स को सौंपे केंद्र, सीएम रेवंत रेड्डी की मांग

हैदराबाद, 5 जुलाई (आईएएनएस)। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि हैदराबाद मेट्रो रेल फेज-1 के मूल्यांकन और वित्तीय जांच का काम जल्द से जल्द एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड (एसबीआई कैप्स) को सौंपा जाए। उनका कहना है कि इससे फेज-1 को राज्य सरकार के अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी आएगी और फेज-2 की वित्तीय संरचना भी समय पर तैयार हो सकेगी।
 

हैदराबाद, 5 जुलाई (आईएएनएस)। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि हैदराबाद मेट्रो रेल फेज-1 के मूल्यांकन और वित्तीय जांच का काम जल्द से जल्द एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड (एसबीआई कैप्स) को सौंपा जाए। उनका कहना है कि इससे फेज-1 को राज्य सरकार के अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी आएगी और फेज-2 की वित्तीय संरचना भी समय पर तैयार हो सकेगी।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल को लिखे पत्र में कहा कि फेज-1 के अधिग्रहण में हो रही देरी से मेट्रो परियोजना के संचालन में अनिश्चितता पैदा हो रही है और रोजमर्रा की चुनौतियां बढ़ रही हैं।

उन्होंने कहा कि इस देरी का असर फेज-2 की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को मंजूरी मिलने और उसके लिए वित्तीय संसाधनों की व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। इससे परियोजना के क्रियान्वयन में विलंब हो रहा है और समय बढ़ने के कारण लागत में भी वृद्धि होने की आशंका है।

रेवंत रेड्डी ने अपने पत्र में 24 जून को नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी की मौजूदगी में हुई बैठक का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि बैठक में यह सहमति बनी थी कि एसबीआई कैप्स को हैदराबाद मेट्रो फेज-1 के मूल्यांकन और वित्तीय परीक्षण का कार्य सौंपा जाएगा, ताकि राज्य सरकार द्वारा इसके अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ सके।

मुख्यमंत्री ने बताया कि एजेंसी को फेज-1 पर मौजूद महंगे कर्ज के पुनर्वित्त (रीफाइनेंसिंग) के विकल्पों का भी अध्ययन करना था। साथ ही, फेज-2 के लिए दीर्घकालिक ऋण और अन्य वित्तीय व्यवस्थाओं सहित पूरी फंडिंग संरचना की भी समीक्षा करनी थी, क्योंकि इस चरण में भी बड़े पैमाने पर ऋण जुटाने की आवश्यकता होगी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पहले ही नगर प्रशासन एवं शहरी विकास (एमए एंड यूडी) विभाग के विशेष मुख्य सचिव को इस पूरी प्रक्रिया के समन्वय के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त कर चुकी है।

रेवंत रेड्डी ने पत्र में लिखा कि बैठक में यह भी तय हुआ था कि यह जिम्मेदारी तुरंत एसबीआई कैप्स को सौंपी जाएगी, ताकि फेज-1 के अधिग्रहण और फेज-2 के विस्तार से जुड़ी संयुक्त प्रक्रिया बिना किसी देरी के शुरू हो सके। उन्होंने कहा कि फेज-1 का मूल्यांकन, उसके कर्ज का पुनर्गठन और फेज-2 की वित्तीय संरचना आपस में जुड़ी हुई हैं, इसलिए इन पर एक साथ काम किया जाना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने चिंता जताई कि बैठक को काफी समय बीत जाने के बावजूद अब तक एसबीआई कैप्स को यह जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई है और न ही कार्य के दायरे (टर्म्स ऑफ रेफरेंस) को अंतिम रूप देकर राज्य सरकार को भेजा गया है।

उन्होंने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल से अनुरोध किया कि जल्द से जल्द एसबीआई कैप्स को यह जिम्मेदारी सौंपने और कार्य की रूपरेखा राज्य सरकार को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जाएं, ताकि फेज-1 के अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो सके और फेज-2 का विस्तार बिना किसी और देरी के आगे बढ़ सके।

मुख्यमंत्री ने इस संबंध में केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी को भी पत्र लिखकर उनसे आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय तथा रेल मंत्रालय के समक्ष इस मुद्दे को उठाने का आग्रह किया।

--आईएएनएस

डीएससी