तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर 'पुलिस की बर्बरता' रोकने की मांग की
हैदराबाद, 20 जुलाई (आईएएनएस)। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन किया। उन्होंने नीट तथा अन्य पेपर लीक कांड में 'पुलिस की बर्बरता' को तुरंत रोकने और जवाबदेही तय करने की मांग की।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि नीट पेपर लीक कांड में न्याय की मांग को लेकर भारत भर से आए छात्रों को संसद की ओर मार्च करते समय लाठियों से पीटा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार उन्हीं युवाओं को चुप कराने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है, जिनका भविष्य उसने खतरे में डाल दिया है। प्रदर्शनकारी छात्र पर किया गया हर प्रहार भाजपा के सवालों, सच्चाई और लोकतांत्रिक असहमति के डर को उजागर करता है।
उन्होंने कहा कि मैं भारत के छात्रों के साथ दृढ़ता से खड़ा हूं, और हम पुलिस की बर्बरता को तुरंत समाप्त करने और नीट तथा अन्य परीक्षा पेपर लीक कांड में जवाबदेही तय करने की मांग करते हैं।
रेवंत रेड्डी ने पहले कहा था कि परीक्षा पेपर लीक ने छात्रों के भविष्य को बेकार कर दिया है।
मई में परीक्षा पेपर लीक के बाद नीट-यूजी 2026 के रद्द होने पर प्रतिक्रिया देते हुए रेवंत रेड्डी ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की विश्वसनीयता की रक्षा की जानी चाहिए और परीक्षा पेपर लीक में शामिल लोगों को दंडित किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने से पूरे भारत में लाखों छात्रों और अभिभावकों में भारी चिंता और अनिश्चितता का माहौल है।
उन्होंने कहा था कि राष्ट्रीय परीक्षाओं की विश्वसनीयता हर कीमत पर सुरक्षित रखी जानी चाहिए। परीक्षा पेपर लीक या भ्रष्टाचार में शामिल किसी भी व्यक्ति या नेटवर्क को, चाहे उनका प्रभाव या पद कुछ भी हो, कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
राजधानी से मिली खबरों के अनुसार, सोमवार को मानसून सत्र के पहले दिन संसद की ओर मार्च करने के लिए जमा हुए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के हजारों समर्थकों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दागे। पुलिस ने विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी।
--आईएएनएस
एमएस/
