यूपी: सोशल मीडिया पर 'सुसाइड अलर्ट' के बाद पुलिस ने बचाई युवक की जान
रायबरेली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश पुलिस ने तेजी से कार्रवाई और तालमेल का एक शानदार उदाहरण पेश किया है। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के रायबरेली में एक 18 साल के युवक की जान बचाई। सोशल मीडिया पर एक परेशान करने वाली पोस्ट से संकेत मिला था कि युवक सुसाइड करने की कोशिश कर सकता है, जिसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाई और युवक की जान बचाई जा सकी। यह घटना दुखद घटनाओं को रोकने में टेक्नोलॉजी और कानून लागू करने वाली एजेंसियों की तेजी से बढ़ती भूमिका को दिखाती है।
अधिकारियों के मुताबिक, इंस्टाग्राम पर सुसाइड से जुड़ा एक वीडियो पोस्ट किया गया था, जिससे पुलिस हेडक्वार्टर में 'मेटा अलर्ट सिस्टम' के जरिए एक अलर्ट जारी हो गया। यह सिस्टम संभावित रूप से नुकसान पहुंचाने वाले या परेशान करने वाले कंटेंट को पहचानने के लिए बनाया गया है। इसने तुरंत अधिकारियों को सूचित किया, जिससे वे बिना किसी देरी के कार्रवाई कर पाए।
अलर्ट मिलते ही रायबरेली पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। सिर्फ 12 मिनट के अंदर ही उन्होंने उस युवक की लोकेशन ट्रेस कर ली और 'मिल एरिया' पुलिस स्टेशन के इलाके में स्थित उसके घर पहुंच गए। जब पुलिस अधिकारी वहां पहुंचे, तो युवक की हालत बेहद नाज़ुक थी। उसने अपने प्रेम-संबंध में हुए किसी विवाद के कारण गहरे मानसिक तनाव में आकर कोई जहरीला पदार्थ खा लिया था।
हालात की गंभीरता को समझते हुए पुलिसकर्मियों ने उसे तुरंत पास के एक अस्पताल पहुंचाया, जहां समय पर मिले इलाज की वजह से उसकी जान बच गई। अधिकारियों ने बताया कि अगर थोड़ी सी भी देर हो जाती, तो इसका नतीजा जानलेवा हो सकता था। पुलिस की इस तेजी से की गई कार्रवाई ने न सिर्फ एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया, बल्कि एक परिवार को भी गहरे सदमे और दुख से भी बचा लिया।
इस घटना के बारे में बात करते हुए एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (एएसपी) संजीव कुमार सिन्हा ने कहा कि 29 मार्च को, एक 18 साल के लड़के ने अपनी गर्लफ्रेंड को ‘अलविदा’ कहते हुए एक मैसेज भेजा और सोशल मीडिया पर चूहे के जहर की एक फोटो भी पोस्ट की। पुलिस को यह जानकारी मेटा के जरिए मिली। कुछ ही मिनटों में कार्रवाई की गई और उसे बचा लिया गया। यह हमारे लिए एक बड़ी उपलब्धि है। हम यह संदेश भी देना चाहते हैं कि माता-पिता ही आपके सबसे बड़े सहारा होते हैं, और किसी भी हाल में ऐसे बड़े कदम नहीं उठाने चाहिए।
अधिकारियों ने कहा था कि ये मामले समय पर दखल देने, समाज में जागरूकता फैलाने और टेक्नोलॉजी के जिम्मेदाराना इस्तेमाल के महत्व को दिखाते हैं। उन्होंने उन लोगों से भी गुजारिश की जो मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं कि वे कोई बड़ा कदम उठाने के बजाय मदद मांगें और अपने परिवार वालों या किसी विशेषज्ञ से बात करें।
यह कोई अकेला ऐसा मामला नहीं है जहां सोशल मीडिया अलर्ट के आधार पर समय पर दखल देने से किसी की जान बचाने में मदद मिली हो।
इससे पहले, 22 जनवरी को दिल्ली पुलिस के सोशल मीडिया कंट्रोल रूम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए एक 19 साल के युवक को बचा लिया। इस युवक ने कथित तौर पर एक रेलवे स्टेशन पर आत्महत्या करने का इरादा जाहिर किया था।
--आईएएनएस
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