तमिलनाडु में 62 केंद्रों पर तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के साथ मतगणना की तैयारी
चेन्नई, 3 मई (आईएएनएस)। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक ने रविवार को बताया कि 4 मई को होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए मतगणना के लिए विस्तृत तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था सहित सभी आवश्यक इंतजाम कर लिए गए हैं।
मतगणना सुबह 8 बजे डाक मतपत्रों सेशुरू होगी, इसके बाद सुबह 8:30 बजे से राज्य के 62 निर्धारित मतगणना केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के माध्यम से मतपत्रों की गिनती शुरू होगी।
234 विधानसभा सीटों के लिए 23 अप्रैल को मतदान हुआ, जिसमें सत्ताधारी डीएमके सत्ता बरकरार रखने के लिए संघर्ष कर रही है, वहीं एआईएडीएमके पांच साल विपक्ष में रहने के बाद वापसी की उम्मीद कर रही है। अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कजगम (टीवीके) की एंट्री और सीमान के नेतृत्व वाली नाम तमिलर काची (एनटीके) की मौजूदगी ने चुनावी परिदृश्य को और भी जटिल बना दिया है।
मतगणना प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए मतगणना कर्मचारियों, सूक्ष्म पर्यवेक्षकों और सुरक्षा बलों सहित लगभग 1.25 लाख कर्मियों की भारी तैनाती की गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इनमें से लगभग एक लाख पुलिसकर्मी कानून व्यवस्था बनाए रखने में लगे रहेंगे।
मतगणना को सुगम बनाने के लिए अधिकारियों ने ईवीएम वोटों के लिए 234 मतगणना हॉल और डाक मतपत्रों तथा इलेक्ट्रॉनिक रूप से भेजे गए डाक मतपत्रों (ईटीपीबी) के लिए अतिरिक्त 240 हॉल स्थापित किए हैं। कुल 3,324 मतगणना टेबल का उपयोग किया जाएगा।
इस प्रक्रिया की निगरानी रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) करेंगे, जिनकी सहायता के लिए सहायक रिटर्निंग ऑफिसर (एआरओ) भी मौजूद रहेंगे। मतगणना कार्यों के लिए 10,545 कर्मियों को तैनात किया गया है और 4,624 सूक्ष्म पर्यवेक्षक नियमों के पालन को सुनिश्चित करेंगे।
चुनाव आयोग ने मतगणना की निगरानी और अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र के लिए एक सहित 234 मतगणना पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है। इसके अतिरिक्त, डाक मतपत्रों की गिनती के लिए विशेष रूप से 1,135 एआरओ (वापसी अधिकारी) तैनात किए गए हैं, जिनमें प्रत्येक 500 मतपत्रों के लिए एक मेज आवंटित की गई है।
सुरक्षा व्यवस्था को तीन स्तरीय प्रणाली से और भी कड़ा कर दिया गया है।
बाहरी 100 मीटर के घेरे की सुरक्षा स्थानीय पुलिस द्वारा, प्रवेश द्वारों की सुरक्षा राज्य सशस्त्र पुलिस द्वारा, और भीतरी क्षेत्रों—जिनमें मतगणना कक्ष और ईवीएम के सुरक्षित कक्ष शामिल हैं—की सुरक्षा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) द्वारा की जाएगी। कुल मिलाकर, मतगणना केंद्रों पर सीएपीएफ की 65 कंपनियों को तैनात किया गया है।
--आईएएनएस
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