यूक्रेन की हिरासत में बंद भारतीय नागरिक की वापसी के लिए बातचीत जारी: विदेश मंत्रालय
नई दिल्ली, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत ने यूक्रेन की हिरासत में बंद एक भारतीय नागरिक की स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने के लिए यूक्रेनी सरकार के साथ बातचीत जारी रखी है। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने बुधवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय ने कहा कि रूस की सेना में अभी भी कार्यरत भारतीय नागरिकों की जल्द रिहाई के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में आयोजित द्वि-साप्ताहिक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि यूक्रेन में हिरासत में लिए गए भारतीय नागरिक के मामले में यूक्रेनी सरकार के साथ बातचीत चल रही है। उसकी कुशलक्षेम जानने के लिए कांसुलर मुलाकातें भी की गई हैं।
जायसवाल ने कहा, "यूक्रेन के संबंध में वहां हिरासत में बंद एक भारतीय नागरिक को लेकर यूक्रेनी सरकार के साथ बातचीत जारी है। हम उसे भारत वापस लाने के प्रयास कर रहे हैं। उसकी कुशलक्षेम की जांच के लिए कांसुलर मुलाकातें भी की गई हैं।" उन्होंने कहा कि रूस की सेना में अभी भी कार्यरत भारतीय नागरिकों की संख्या के बारे में उपलब्ध जानकारी पहले साझा की जा चुकी है। उनकी जल्द रिहाई सुनिश्चित करने के लिए भारत के प्रयास जारी हैं।
इस मामले में की गई कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि सरकार ने पिछले दो वर्षों में कई बार परामर्श जारी कर भारतीय नागरिकों को आगाह किया है। इसके अलावा, गलत तरीके से भर्ती और अन्य अनियमितताओं में शामिल ट्रैवल एजेंटों तथा संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने कार्रवाई भी की है।
इससे पहले 9 अक्टूबर को जायसवाल ने बताया था कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार, करीब 259 भारतीय नागरिकों को रूसी सेना में भर्ती किया गया था। इनमें से 139 लोगों को भारत सरकार के प्रयासों से रूसी सेना से मुक्त कराकर स्वदेश वापस लाया जा चुका है। उन्होंने कहा था कि रूस की सेना में अभी भी मौजूद माने जा रहे 69 भारतीय नागरिकों के बारे में रूसी सरकार के साथ बातचीत जारी है। भारत उनसे संबंधित जानकारी जुटाने और उनकी वापसी सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है।
जायसवाल ने कहा था कि भारत सरकार रूस की सेना में शामिल भारतीय नागरिकों की स्थिति और उनके ठिकानों के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए रूसी अधिकारियों के संपर्क में है। रूसी नागरिकता हासिल कर चुके भारतीय मूल के लोगों की संख्या के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा था कि सरकार के पास इसका आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। भारत के पास केवल भारतीय नागरिकों से संबंधित आंकड़े हैं। रूसी नागरिकता लेने वाले लोगों की संख्या के बारे में जानकारी के लिए रूस के दूतावास या मॉस्को स्थित उसके विदेश मंत्रालय से संपर्क करना होगा।
इससे पहले 30 सितंबर को विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को रूसी सेना में शामिल होने के प्रस्तावों से दूर रहने की सलाह दी थी। मंत्रालय ने चेतावनी दी थी कि इस तरह की भर्ती उनके जीवन के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा था कि पिछले दो वर्षों में कई मौकों पर भारतीय नागरिकों को विदेश में रोजगार के अवसर तलाशते समय सावधानी बरतने और अज्ञात व्यक्तियों के नौकरी संबंधी प्रस्तावों के झांसे में नहीं आने की सलाह दी गई है।
विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा था कि ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें कुछ लोग आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद में स्वेच्छा से रूसी सेना में शामिल होने के प्रस्ताव स्वीकार कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद रहती है कि बाद में भारत सरकार से संपर्क कर वे सेना से रिहाई हासिल कर सकेंगे। मंत्रालय ने दोहराया था कि रूसी सेना में शामिल होने का रास्ता खतरनाक है और भारत सरकार इसे सख्ती से हतोत्साहित करती है।
--आईएएनएस
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