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ईरान में संघर्ष कर रहे पर‍िवारों के ल‍िए ताजिकिस्तान ने बढ़ाया मदद का हाथ, 3,610 टन मानवीय सहायता भेजी

दुशांबे, 18 मार्च (आईएएनएस)। युद्ध में लगातार संघर्ष कर रहे ईरान के लोगों के लिए ताजिकिस्तान ने बुधवार को 110 ट्रकों के काफिले में 3,610 टन मानवीय सहायता भेजी।
 
ईरान में संघर्ष कर रहे पर‍िवारों के ल‍िए ताजिकिस्तान ने बढ़ाया मदद का हाथ, 3,610 टन मानवीय सहायता भेजी

दुशांबे, 18 मार्च (आईएएनएस)। युद्ध में लगातार संघर्ष कर रहे ईरान के लोगों के ल‍िए ताजिकिस्तान ने बुधवार को 110 ट्रकों के काफिले में 3,610 टन मानवीय सहायता भेजी।

ताजिकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा, “कुल 3,610 टन सामग्री, जिसमें 45 टन दवाइयां, बड़ी मात्रा में स्वच्छता और हाइजीन उत्पाद, बच्चों के कपड़े, विभिन्न खाद्य पदार्थ, घरेलू सामान, बिस्तर, टेंट, निर्माण सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं।”

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (यूएनएचसीआर) ने पिछले सप्ताह प्रारंभिक आकलनों का हवाला देते हुए बताया था कि चल रहे संघर्ष के कारण ईरान में 6 लाख से 10 लाख परिवार, जो लगभग 32 लाख लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं, अस्थायी रूप से विस्थापित हो चुके हैं।

यूएनएचसीआर के आपातकालीन और कार्यक्रम समर्थन निदेशक तथा मध्य पूर्व आपातकाल के लिए क्रॉस-रीजनल शरणार्थी प्रतिक्रिया समन्वयक ने कहा, “बताया जा रहा है कि इनमें से अधिकांश लोग तेहरान और अन्य बड़े शहरी क्षेत्रों से देश के उत्तरी हिस्सों और ग्रामीण इलाकों की ओर सुरक्षा के लिए पलायन कर रहे हैं। जैसे-जैसे संघर्ष जारी है, यह संख्या बढ़ने की संभावना है, जो मानवीय जरूरतों में चिंताजनक वृद्धि को दर्शाता है। देश में रह रहे शरणार्थी परिवार, खासकर अफगान, भी प्रभावित हैं, जो पहले से ही अस्थिर स्थिति और सीमित सहायता के कारण अधिक कमजोर हैं। बढ़ती असुरक्षा और आवश्यक सेवाओं तक सीमित पहुंच के कारण परिवार प्रभावित क्षेत्रों को छोड़ रहे हैं।”

इसमें यह भी बताया गया कि ईरान, जो लंबे समय से लगभग 16.5 लाख शरणार्थियों (मुख्य रूप से अफगानिस्तान से) की मेजबानी कर रहा है, वहां अमेरिका-इजरायल हमलों के बाद पहले दो दिनों में ही लगभग एक लाख लोग तेहरान छोड़कर चले गए।

इससे पहले संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने दावा किया था कि अमेरिका-इजरायल हवाई हमलों में कम से कम 1,332 ईरानी नागरिक, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं, मारे गए हैं और हजारों लोग घायल हुए हैं।

इस महीने की शुरुआत में न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान इरावानी ने बताया कि देशभर में 180 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है और 20 से ज्यादा स्कूलों को नुकसान पहुंचा है।

--आईएएनएस

एवाई/डीकेपी