अमेरिका की मध्यस्थता में सीरिया और इजरायल की जॉर्डन में बातचीत, तनाव कम करने को लेकर हुई चर्चा
दमिश्क, 24 अगस्त (आईएएनएस)। जॉर्डन में अमेरिका की मध्यस्थता में रविवार को सीरिया और इजरायल के वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडलों के बीच बातचीत हुई। इस बैठक में तनाव कम करने और सुरक्षा समझौते की दिशा में फिर से बातचीत शुरू करने के प्रयासों पर चर्चा की गई।
सीरिया की सरकारी समाचार एजेंसी साना ने एक राजनयिक सूत्र के हवाले से बताया कि सीरियाई प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मामलों के प्रमुख असाद अल-शैबानी ने किया। इसमें देश की सामान्य और सैन्य खुफिया एजेंसियों के प्रमुख भी शामिल थे। वहीं, इजरायल की ओर से एक वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, जॉर्डन में आयोजित यह बैठक हाल के दिनों में सीरियाई क्षेत्र पर इजरायली हमलों और दक्षिणी सीरिया में बढ़ते तनाव के बाद हालात को शांत करने की कोशिशों का हिस्सा थी। इसका मकसद सीरिया और पूरे क्षेत्र में स्थिरता को बढ़ावा देना भी था।
बातचीत के दौरान ऐसे व्यावहारिक उपायों पर चर्चा हुई जिनसे इजरायल के हमलों, गिरफ्तारियों और निशाना बनाकर की जाने वाली कार्रवाइयों को रोका जा सके। साथ ही, सुरक्षा समझौते तक पहुंचने के उद्देश्य से वार्ता को फिर से शुरू करने पर भी बात हुई, जो भविष्य में किसी व्यापक समझौते की नींव बन सकता है।
सीरियाई प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सीरिया एक संप्रभु देश है और उसे अपनी राष्ट्रीय सेना का पुनर्निर्माण और विकास करने का पूरा अधिकार है। साथ ही, वह अपने राष्ट्रीय हितों के अनुसार अपने सहयोगी और साझेदार चुन सकता है।
सूत्र ने बताया कि दमिश्क ऐसी किसी भी व्यवस्था या तंत्र को स्वीकार नहीं करेगा जो उसके इन संप्रभु अधिकारों को सीमित करे।
सीरिया ने दोहराया कि इजरायल के कब्जे वाला गोलान हाइट्स सीरियाई क्षेत्र है। हालांकि, उसने यह भी कहा कि फिलहाल इस क्षेत्र की अंतिम स्थिति और इसके समाधान के रास्ते पर चर्चा करना अभी जल्दबाजी होगी।
दमिश्क ने कहा कि उसकी तत्काल प्राथमिकताएं हैं कि इजरायली सेना 8 दिसंबर 2024 से पहले वाली अपनी स्थिति में वापस जाए और 1974 के डिसएंगेजमेंट समझौते को पूरी तरह बहाल कर लागू किया जाए।
राजनयिक सूत्र के अनुसार, बातचीत में तुर्की और इजरायल के बीच मतभेद कम करने के प्रयासों पर भी चर्चा हुई, ताकि दोनों क्षेत्रीय शक्तियों के बीच तनाव का असर सीरियाई भूमि पर न पड़े।
बैठक का मुख्य फोकस तनाव घटाने के लिए व्यावहारिक कदमों पर रहा। साथ ही यह भी देखा गया कि वार्ता की प्रक्रिया को दोबारा कैसे शुरू किया जा सकता है। सीरिया ने साफ कहा कि किसी भी सुरक्षा व्यवस्था में उसकी संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय अधिकारों का सम्मान होना चाहिए।
मंगलवार को इजरायल ने उत्तर-पश्चिमी सीरिया के अबू अल-दुहूर सैन्य हवाई अड्डे पर हमला किया था। इजरायल का दावा था कि दमिश्क वहां तुर्की सेना की तैनाती की तैयारी कर रहा है। हालांकि, इस दावे को सीरिया और तुर्किये दोनों ने खारिज कर दिया।
--आईएएनएस
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