तमिलनाडु: 'साइलेंट मोड' से बाहर आएं मुख्यमंत्री, कानून-व्यवस्था पर स्टालिन का हमला
चेन्नई, 16 जून (आईएएनएस)। डीएमके अध्यक्ष और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने मंगलवार को राज्य की गठबंधन सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर बढ़ती चिंताओं को दूर करने में नाकाम रहने का आरोप लगाया और महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हुए अपराधों पर सरकार की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए।
स्टालिन ने कहा कि सरकार अब जनता के बीच फैले डर और चिंता को नजरअंदाज नहीं कर सकती।
मुख्यमंत्री द्वारा बार-बार यह दावा किए जाने का उल्लेख करते हुए कि सक्षम पुलिस अधिकारियों की नियुक्ति की गई है और महिलाओं की सुरक्षा के लिए 'सिंगप्पेन पड़ई' का गठन किया गया है, स्टालिन ने सवाल किया कि क्या सरकार अपने बच्चों को खो चुके माता-पिता की पीड़ा सुनने को तैयार है?
उन्होंने पूछा कि काबिल अधिकारियों की नियुक्ति और महिला सुरक्षा बल के गठन के बार-बार दावों के बावजूद क्या मुख्यमंत्री उन माता-पिता का दर्द नहीं सुन पा रहे हैं जिन्होंने अपने बच्चों को खो दिया है।
डीएमके नेता ने आरोप लगाया कि अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि अपराध रोकने और लोगों का भरोसा बहाल करने के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं। उन्होंने यह भी सवाल किया कि आखिर ऐसी कौन-सी व्यवस्था लागू की गई है जिससे अपराधी बेखौफ होकर वारदात करने से बाज आएं।
हाल की घटनाओं पर मुख्यमंत्री विजय की चुप्पी पर परोक्ष निशाना साधते हुए स्टालिन ने पूछा कि जनता की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बावजूद मुख्यमंत्री आखिर अपनी साइलेंट मोड से कब बाहर आएंगे।
उन्होंने कहा, "जनता की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बात करने के लिए मुख्यमंत्री की कॉल शीट' (कार्ययोजना) कब आएगी? अपराधियों को बिना किसी डर के काम करने से रोकने के लिए आखिर कौन-से ठोस कदम उठाए गए हैं?"
स्टालिन ने उन सुझावों को भी खारिज कर दिया कि विपक्ष को नई सरकार के शुरुआती महीनों में आलोचना करने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों को उठाना डीएमके की जिम्मेदारी है और जब महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा दांव पर हो तो वे चुप नहीं रहेंगे।
अगर स्थिति का समाधान नहीं किया गया तो बड़े राजनीतिक विरोध की चेतावनी देते हुए स्टालिन ने कहा कि सरकार की लगातार निष्क्रियता से डीएमके बड़ा आंदोलन कर सकती है।
उन्होंने पूछा कि लोगों की जान और बच्चों की सुरक्षा खतरे में होने पर क्या आप मुझसे चुप रहने की उम्मीद करते हैं या आप डीएमके के बड़े विरोध प्रदर्शन को न्योता दे रहे हैं।
--आईएएनएस
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